दिल्ली में 20 फरवरी 2026 को भारत मंडपम में आयोजित India AI Impact Summit 2026 के दौरान Indian Youth Congress (IYC) के कुछ कार्यकर्ताओं ने बड़ा हंगामा किया। उन्होंने क्यूआर कोड आधारित एंट्री का इस्तेमाल कर समिट में प्रवेश किया, टी-शर्ट उतारकर (शर्टलेस) प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारे लगाए। उनके टी-शर्ट पर स्लोगन छपे थे जैसे
“PM is compromised”
“India-US trade deal”
“Epstein Files”
यह विरोध मुख्य रूप से भारत-अमेरिका ट्रेड डील और संबंधित मुद्दों पर केंद्रित था। प्रदर्शन के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने सुरक्षा में सेंध लगाई, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। दिल्ली पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और कई लोगों को हिरासत में लिया/गिरफ्तार किया।
दिल्ली पुलिस का दावा
21 फरवरी 2026 को पटियाला हाउस कोर्ट में रिमांड सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने बड़ा दावा किया कि यह शर्टलेस प्रदर्शन नेपाल के Gen-Z आंदोलन से प्रेरित था। पुलिस ने कोर्ट को बताया: यह एक “बड़ी साजिश” (larger conspiracy) है, जिसका मकसद अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की छवि खराब करना था।
प्रदर्शन का तरीका नेपाल में हाल ही में हुए Gen-Z युवाओं के violent आंदोलन की तर्ज पर था, जिसने वहां की सरकार गिरा दी थी। पुलिस ने फंडिंग, टी-शर्ट प्रिंटिंग और अन्य शामिल लोगों की जांच की बात कही।
कोर्ट ने चार मुख्य आरोपी कार्यकर्ताओं (जिनमें Krishna Hari, Kundan Yadav, Ajay Kumar, Narasimha Yadav शामिल हैं) को 5 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया और जमानत याचिका खारिज कर दी। कुल मिलाकर 10 से ज्यादा लोगों को शुरुआत में हिरासत में लिया गया था।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
BJP ने इसे “anti-national” करार दिया और देशभर में कांग्रेस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए, जिसमें राहुल गांधी को काले झंडे दिखाए गए। कांग्रेस और यूथ कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र में विरोध का अधिकार बताया, लेकिन पुलिस के दावे पर कोई सीधा खंडन रिपोर्ट्स में नहीं मिला।








