सहारनपुर विकास प्राधिकरण एक बार फिर अपने कार्यप्रणाली और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर सुर्खियों में है। ताजा मामला जोन-7 का है जहाँ विभागीय मिलीभगत से नियमों व आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। सूत्र बताते हैं कि संबंधित जेई और मेट की कथित ‘सरपरस्ती’ में अवैध निर्माणों को न केवल बढ़ावा दिया जा रहा है बल्कि प्राधिकरण के राजस्व को भी लाखों का चूना लगाया जा रहा है।
सूत्रों की माने और स्थानीय निवासियों ने नाम ना लिखने के शर्त पर बताया कि जोन-7 के कई इलाकों में बड़े स्तर पर अवैध निर्माण किया जा रहा है जिनमे 62 फूटा रोड पर TVS एजेंसी के सामने टिन शेड की आड़ में एक बड़ा अवैध निर्माण किया जा रहा है। आवासीय नक्शे को ठेंगा दिखाते हुए एक व्यावसायिक निर्माण इंदिरा चौक पर किया जा रहा है वहीं इंदिरा चौक पर ही न्यू कम्युनिकेशन के बगल में एक लकड़ी के कारखाने का निर्माण भी बड़े स्तर पर चल रहा है जिसका कोई प्रपत्र विभाग से जारी नही हुआ है और न ही कोई नक्शे के लिए फ़ाइल प्राधिकरण में सबमिट की गई है।
कुल मिलाकर मानें तो इन निर्माणों की जानकारी वीसी महोदय को नही है वरना अभी तक कार्यवाही हो चुकी होती जबकि जोन के जेई और मेट को है उसके बावजूद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है, सुविधा शुल्क के बदले नियमों को ताक पर रख कर सारा काम किया जा रहा है।
अब एक सवाल कौंध रहा है कि आखिर क्या वजह है जो विभागीय कार्यवाही नही की जा रही है या मान लिया जा रहा है कि भ्रष्टाचार की इस बहती गंगा में नीचे से ऊपर तक सब हाथ धो रहे हैं?
बरहाल जो भी हो इन अवैध निर्माणों के चलते सरकारी राजस्व की तो हानि हो ही रही है।








