यह घटना गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) में हाल ही में हुई एक दुखद ट्रिपल सुसाइड की है, जहां तीन नाबालिग सगी बहनों ने आत्महत्या कर ली। चश्मदीद गवाह अरुण (या अरुण कुमार) ने घटना के उस पल को अपनी जुबानी बताया है, जो आज तक की रिपोर्ट में प्रमुखता से छपा है। रात करीब 2 बजे की बात है। अरुण ने बताया कि सामने वाले फ्लैट की बालकनी में लाइट जल रही थी और रेलिंग पर कोई बैठा दिखा। उन्हें लगा कि यह कोई कपल (जोड़े) का सीन है, क्योंकि रात के उस वक्त रेलिंग पर बैठा होना सामान्य नहीं लगता। लेकिन जैसे-जैसे उन्होंने ध्यान से देखा, तो समझ आया कि एक व्यक्ति (शायद बहनों में से एक) कूदने की कोशिश कर रहा था, और बाकी दो उसे रोकने या बचाने की कोशिश में साथ गिर गईं।
अरुण ने कहा कुछ इस तरह
“मैंने समझा कपल है, रात दो बजे का वो सीन…”
“रात करीब दो बजे बालकनी की लाइट जली हुई थी और रेलिंग पर कोई बैठा दिखा। मुझे वहां सब कुछ नॉर्मल नहीं लगा। ऐसा दिखाई दिया जैसे कोई कपल हो। एक व्यक्ति पीछे की ओर से कूदने की कोशिश कर रहा था…”
उन्होंने तुरंत पुलिस को फोन किया और घटना की जानकारी दी।
यह घटना भारत सिटी सोसाइटी (या आसपास के इलाके) में हुई, जहां तीन बहनें — निशिका (16 साल), प्राची (14 साल), और पाखी (12 साल) — 9वीं मंजिल से कूद गईं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वे एक ऑनलाइन कोरियन लवर गेम (Korean lover game) या टास्क-बेस्ड ऐप की लत में पड़ गई थीं, जिसके कारण यह कदम उठाया। कमरे में गेम से जुड़े फोटो और सामग्री बिखरी मिली। यह बेहद हृदयविदारक मामला है, जो ऑनलाइन गेमिंग की लत और उसके खतरों की ओर इशारा करता है। पुलिस जांच कर रही है।








