क्या हुआ?
JDU के सूत्रों के मुताबिक, के.सी. त्यागी का पार्टी में “अध्याय समाप्त” हो चुका है।
हाल के दिनों में उनके कुछ बयानों और गतिविधियों से पार्टी नेतृत्व नाराज था, जिसके चलते यह फैसला लिया गया।
पार्टी प्रवक्ता राजीव रंजन (या कुछ रिपोर्ट्स में नीरज कुमार) ने स्पष्ट कहा है कि “के.सी. त्यागी जो भी बोलते हैं, उससे JDU का कोई लेना-देना नहीं है” और “हमारा उनसे अब कोई संबंध नहीं”।
हालांकि, उनके लंबे पुराने संबंधों को देखते हुए फिलहाल कोई औपचारिक अनुशासनात्मक कार्रवाई (जैसे expulsion letter) नहीं की जा रही है, लेकिन व्यावहारिक रूप से उनका “चैप्टर क्लोज” माना जा रहा है।
मुख्य कारण क्या लगते हैं?
बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान के IPL (KKR) से रिलीज होने पर दिए बयान, जहां उन्होंने राजनीति और खेल को अलग रखने की बात की और बांग्लादेश के हिंदू कप्तान का जिक्र किया।
एक दिन पहले ही उन्होंने नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग करते हुए प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था, जिस पर पार्टी ने दूरी बनाई।
यह खबर AajTak, NDTV, Dainik Bhaskar, Times Now, Jagran जैसे कई प्रमुख मीडिया हाउसेज में छपी है। X (ट्विटर) पर भी कई हैंडल्स ने इसे ब्रेकिंग के तौर पर शेयर किया है।
यह JDU में एक बड़ा बदलाव है, खासकर तब जब त्यागी लंबे समय से पार्टी के प्रमुख चेहरों में से एक थे (हालांकि 2024 में वे नेशनल स्पोक्सपर्सन पद से इस्तीफा दे चुके थे)। अभी यह देखना बाकी है कि क्या त्यागी कोई नया कदम उठाते हैं या चुप रहते हैं।






