गृह मंत्री के किसी दबाव में नहीं आ रहे हैं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री
बीजपी में दोनों उप मुख्यमंत्रियों, प्रदेश अध्यक्ष और गृह मंत्री को इग्नोर करना बड़े जज्बे का काम
चरण सिंह
नई दिल्ली/लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार और विभिन्न योजनाओं को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर बड़ा संदेश दिया है। तमाम कयासबाजी के बीच योगी राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, कार्यवाहक अध्यक्ष नितिन नबीन सिन्हा और गृह मंत्री अमित शाह से मिले बिना लखनऊ लौट गए ऐसे में योगी ने अपना रुतबा दिखा दिया है। ऐसे में यह माना जा रहा है कि योगी गृह मंत्री अमित शाह के किसी दबाव में आये बिना अपना काम कर रहे हैं।
यह अपने आप में दिलचप्स है कि जहां अमित शाह ने विपक्ष के साथ ही सत्ता पक्ष के अधिकतर नेताओं पर शिकंजा कस रखा है। बीजेपी के मुख्यमंत्रियों को जैसे चाहते हैं वैसे मरोड़ देते हैं। ऐसे में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तमाम हथकंडों को दरकिनार करते हुए अमित शाह के दबाव में नहीं आ रहे हैं। यह भी जमीनी हकीकत है कि अमित शाह योगी की घेराबंदी करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। चाहे दोनों उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक हों, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी को बनाया गया हो। चाहे ओमप्रकाश राजभर, संजय निषाद और अनुप्रिया पटेल योगी की घेराबंदी में लगे रहते हों। इन सबका योगी पर कोई असर नहीं पड़ रहा है। वे 2027 के लोकसभा चुनाव जीतने में पूरी तरह से लग गए हैं।
ऐसा नहीं कि योगी आदित्यनाथ की घेराबंदी पहली बार की गई हो लोकसभा चुनाव में भी योगी को नीचा दिखाने का प्रयास किया गया था। टिकट बंटवारे में काफी टिकटों पर योगी की सहमति नहीं ली गई थी। योगी की नाराजगी लोकसभा चुनाव में देखी गई थी। यही वजह थी कि राजपूत समाज बीजेपी से नाराज देखा गया था। जब राजकोट से सांसद पुरुषोत्तम रुपाला ने राजपूत समाज पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी तो किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूरन सिंह की अगुआई में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में राजपूत समाज की पंचायतें हुईं, जिसका असर यह हुआ कि बीजेपी सहारनपुर, कैराना और मुजफ्फरनगर सीट हार गई। उत्तर प्रदेश में बीजेपी की 36 सीटें सिमट कर रह गईं।
लोकसभा चुनाव की समीक्षा के बाद योगी आदित्यनाथ को घेरने का प्रयास अमित शाह लॉबी की ओर से हुआ पर योगी आदित्यनाथ 32 सीटों पर उनकी सहमति न होने की बात अपना बचाव कर लिया। अब जब 2029 के लोकसभा चुनाव की तैयारी शुरू हो चुकी है। ऐसे में अमित शाह प्रधानमंत्री बनने की जुगत में लग गए हैं। बीजेपी की ओर से पीएम मोदी के बाद पीएम पद के उम्मीदवार के लिए अमित शाह के सामने एकमात्र रोड़ा अब योगी आदित्यनाथ हैं। अब पंकज चौधरी को उत्तर प्रदेश का अध्यक्ष बनाकर फिर से योगी की घेराबंदी अमित शाह ने की है। अब योगी ने इन सभी को ठेंगा दिखाकर सीधे पीएम मोदी से मिलकर अपने तेवर दिखा दिए हैं।








