कैसे बचाएंगे इतने लोगों को हम बिना धन के यह बड़ा सवाल है..

50 करोड़ ठगी पीड़ित और दो करोड़ कथित एजेंट एडवाइजर इनमें लगभग दस करोड़ ऐसे हैं जो अपना सबकुछ गंवा बैठे हैं.
दस करोड़ लोगों का जीवन धन सम्मान बचाना वह भी बिना किसी सरकारी सहायता के बहुत कठिन कार्य है.
सरकार सहायता करती इस नेक कार्य में तो सब सम्भव हो जाता सरलता से, लेकिन यहाँ तो सरकार खुद ठगों के पक्ष में खड़ी है, वह भुगतान गारंटी कानून को ही ख़त्म करना चाहती है..
जब स्थिति ऐसी हो कि शासन ठग बेईमानों के पक्ष में खड़ा हो, तो कोई भी उद्योगपति, प्रशासन, पुलिस, अदालत, राजनैतिक दल, मीडिया हाउस और सरकारी सहायता पर पलने वाले एन जी ओ, बुद्धिजीवी संस्थान, धार्मिक संगठन बगैरा अपना लाभ त्यागकर, कभी पीड़ितों के पक्ष में खड़े नहीं होते.
यह संसार लाभ से बंधा है, जहाँ उसका अपना निजी लाभ होता है, वह उसे त्याग नहीं पाता. ऐसे बिरले ही लोग होते हैं, जो किसी कमजोर के लिए, अपराध पीड़ित के लिए, सत्य न्याय राष्ट्र धर्म के लिए अपना लाभ त्याग दें..
ठगी पीड़ित जमाकर्ता परिवार, तपजप के समक्ष बड़ा धर्म संकट है, इस चुनौती पर विजय पाने के लिए, बड़े संगठन की आवश्यकता है, बड़ा संगठन बिना संसाधनों के चल नहीं सकता, संसाधन बिना धन के पैदा नहीं किए जा सकते और धन बिना त्याग के जुटाया नहीं जा सकता.
इसलिए इस विकट परिस्थिति में एक ही मार्ग है हम जितने भी राष्ट्रप्रेमी ठगी पीड़ित हैं वह परिश्रम करें, धन पैदा करें और उस धन का एक हिस्सा इस महान पवित्र नेक कार्य में लगाएं ताकि संसाधन जुटाये जा सकें और एक बड़ा संगठन, बड़ा आंदोलन तैयार करके भुगतान गारंटी कानून बड्स एक्ट को बचाऐं.
बड्स एक्ट बचेगा तो इसको हथियार बनाकर, हम करोड़ों ठगी पीड़ितों के साथ साथ राष्ट्र को भी बचा सकते हैं. भुगतान सुरक्षा सम्मान सबको दिलाना है तो हमको यह करना ही होगा.. नये साथी तलाशने ही होंगे. चंद साथी शुरुआत करेंगे तो एक बड़ा संगठन बन ही जाएगा.. संगठन मजबूत हो गया तो भुगतान सुरक्षा सम्मान पाना सरल हो जाएगा, फिर शासन हिम्मत नहीं कर पायेगा कानून को तोड़ने या ठगों का समर्थन करने की.
सब साथी इसे गंभीरता से लें और कोर्ट कार्रवाई संगठन एवं आंदोलन के लिए धन संग्रह धन त्याग अवश्य करें..

मदन लाल आजाद

  • Related Posts

    अमरीका में डॉ. लोहिया के सिद्धांत वोट, जेल ,फावड़ा की गूंज!

    लफ्फाजी, भारी भरकम शब्दजाल, देसी- विदेशी सिद्धांत कारो…

    Continue reading
    क्या आधुनिक जन-आंदोलन गांधी के सत्याग्रह के मानकों पर खरे उतरते हैं?

    गांधीजी का सत्याग्रह केवल दबाव बनाने की तकनीक…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    कौशांबी हुई राममयी – राम चौक, हनुमान द्वार, श्रीराम पार्क अब रामलीला महोत्सव

    कौशांबी हुई राममयी – राम चौक, हनुमान द्वार, श्रीराम पार्क अब रामलीला महोत्सव

    ‘लद्दाख भारत का अटूट हिस्सा, किसी के इनकार से सच्चाई नहीं बदल सकती’, MEA की चीन को दो टूक 

    ‘लद्दाख भारत का अटूट हिस्सा, किसी के इनकार से सच्चाई नहीं बदल सकती’, MEA की चीन को दो टूक 

    राकेश रफीक के परिवारजनों से मिलने बिलारी पहुंचे डॉ. सुनीलम

    राकेश रफीक के परिवारजनों से मिलने बिलारी पहुंचे डॉ. सुनीलम

    मोदी सरकार को फिर से झुकाएंगे किसान, एसआईआर के खिलाफ भी संभाला मोर्चा!

    मोदी सरकार को फिर से झुकाएंगे किसान, एसआईआर के खिलाफ भी संभाला मोर्चा!

    पानी की किल्लत से जूझ रही झुग्गी बस्तियों की महिलाएं 15 अक्टूबर को नोएडा प्राधिकरण का घेराव करेंगी

    पानी की किल्लत से जूझ रही झुग्गी बस्तियों की महिलाएं 15 अक्टूबर को नोएडा प्राधिकरण का घेराव करेंगी

    यूपी के ग्राम प्रहरियों को योगी सरकार की दोहरी सौगात, दिया खास तोहफा!

    यूपी के ग्राम प्रहरियों को योगी सरकार की दोहरी सौगात, दिया खास तोहफा!