हाल ही में नई सरकार के गठन के बाद संगठित अपराध और माफिया नेटवर्क के खिलाफ व्यापक अभियान तेज हो गया है। बिहार के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार ने बताया कि राज्य में लगभग 1,300 माफियाओं और अपराधियों की पहचान कर ली गई है, जिनकी संपत्तियों को कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
मुख्य बिंदु
कुर्की की प्रक्रिया: पहले चरण में 400 अपराधियों की संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं। अब बाकी 1,300 की लिस्ट तैयार है, और उनके दस्तावेज एकत्र किए जा रहे हैं। जल्द ही इन्हें कानूनी रूप से कुर्क किया जाएगा।
लक्ष्य: यह अभियान रेत माफिया, जमीन माफिया, शराब माफिया और अन्य संगठित अपराधियों पर केंद्रित है। गृह मंत्री सम्राट चौधरी और डीजीपी की बैठक में इसकी रूपरेखा तय की गई।
अन्य कदम: महिलाओं की सुरक्षा के लिए 2,000 स्कूटी खरीदकर एंटी-रोमियो महिला फोर्स तैनात की जाएगी। साथ ही, ‘कट्टा’ जैसे अपराध को बढ़ावा देने वाले गानों पर प्रतिबंध लगाने की योजना है। यह कार्रवाई नवंबर 2025 में शुरू हुई है, और इसका उद्देश्य अपराध से अर्जित संपत्ति को जब्त कर कानून-व्यवस्था मजबूत करना है। अधिक अपडेट के लिए आधिकारिक स्रोतों पर नजर रखें।








