प्रतापगढ़ में जिला समाज कल्याण अधिकारी आशीष कुमार सिंह की मौत: पत्नी से फोन पर विवाद के बाद आत्महत्या

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के पूरे केशवराय गांव में 11 सितंबर 2025 को एक दर्दनाक घटना घटी, जहां आजमगढ़ में तैनात जिला समाज कल्याण अधिकारी आशीष कुमार सिंह (40 वर्ष) ने अपने पैतृक घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आशीष की मौत ने न केवल उनके परिवार को सदमे में डाल दिया, बल्कि पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ा दी।
घटना का विवरण
आशीष शनिवार को छुट्टी लेकर अपने गांव लौटे थे और गुरुवार सुबह आजमगढ़ ड्यूटी पर जाने की तैयारी कर रहे थे। सुबह करीब 9 बजे उनकी पत्नी, जो पिछले तीन महीनों से सुल्तानपुर के मायके में बेटे के साथ रह रही थीं, ने उन्हें फोन किया। फोन पर दोनों के बीच तीखी बहस हो गई, जिसके बाद आशीष गुस्से में कमरे में चले गए। कुछ देर बाद जब परिवार वाले कमरे का दरवाजा खोला, तो आशीष का शव फंदे पर लटका मिला।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में पारिवारिक विवाद को ही मौत का मुख्य कारण माना जा रहा है। आशीष और उनकी पत्नी के बीच लंबे समय से मतभेद चल रहे थे। पुलिस फोन कॉल की रिकॉर्डिंग और परिजनों से पूछताछ कर सटीक कारणों का पता लगा रही है।
आशीष रामबहादुर सिंह के पुत्र थे और मूल रूप से प्रतापगढ़ के पूरे केशवराय गांव के निवासी। उन्होंने कड़ी मेहनत से PCS परीक्षा पास की थी।
करियर: लगभग दो साल पहले PCS बनने के बाद पहली तैनाती अमरोहा में खंड शिक्षा अधिकारी के रूप में हुई। बाद में आजमगढ़ में जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास) के पद पर तैनात थे। वे मेहनती और काबिल अधिकारी के रूप में जाने जाते थे।
परिवार: आशीष की शादी को कई वर्ष हो चुके थे और उनका एक बेटा है। पत्नी मायके में रह रही थीं।

ड्रामा और सामाजिक प्रतिक्रिया : घटना के बाद गांव में भारी ड्रामा मचा। परिवार वाले रो-रोकर बिलख पड़े, जबकि ग्रामीणों ने आशीष की उपलब्धियों को याद करते हुए शोक व्यक्त किया। सोशल मीडिया पर भी यह खबर वायरल हो गई, जहां लोग वैवाहिक विवादों और मानसिक तनाव पर सवाल उठा रहे हैं। कई यूजर्स ने इसे “घरेलू क्लेश की चरम सीमा” बताते हुए जागरूकता की मांग की। इस घटना ने समाज और व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं—क्या एक पढ़ा-लिखा अफसर भी पारिवारिक तनाव से इतना टूट सकता है?
पुलिस ने कोई सुसाइड नोट नहीं मिलने की बात कही है, लेकिन जांच जारी है। यह घटना उत्तर प्रदेश प्रशासनिक महकमे में भी हड़कंप मचा रही है।

  • Related Posts

    लखनऊ में पारिवारिक विवाद का खूनी अंत, पत्नी-बहन की हत्या के बाद खुदकुशी
    • TN15TN15
    • August 20, 2026

    उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक पारिवारिक…

    Continue reading
    प्रिंसिपल को 27 बार गोदा चाकू, ‘बाबू’ शब्द ने कातिल छात्र तक पहुंचाया
    • TN15TN15
    • August 20, 2026

    नलगोंडा जिले में प्राइवेट स्कूल की प्रिंसिपल रूपा…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    ‘अखिलेश जी ड्रामा नहीं हिसाब दीजिए’, JPNIC को लेकर OP राजभर ने सपा चीफ को घेरा

    ‘अखिलेश जी ड्रामा नहीं हिसाब दीजिए’, JPNIC को लेकर OP राजभर ने सपा चीफ को घेरा

    अग्निवीर के पहले बैच को कहां मिलेगी नौकरी, किस राज्य में क्या नियम?

    अग्निवीर के पहले बैच को कहां मिलेगी नौकरी, किस राज्य में क्या नियम?

    नोएडा प्राधिकरण में भ्रष्टाचार व्याप्त 

    नोएडा प्राधिकरण में भ्रष्टाचार व्याप्त 

    अरुणाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री के दौरे से भड़का लोगों का विरोध!

    अरुणाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री के दौरे से भड़का लोगों का विरोध!

    ‘BJP ने इमरजेंसी को पीछे छोड़ दिया’, CJP की प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोले आशुतोष रांका

    ‘BJP ने इमरजेंसी को पीछे छोड़ दिया’, CJP की प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोले आशुतोष रांका

    क्या आधुनिक जन-आंदोलन गांधी के सत्याग्रह के मानकों पर खरे उतरते हैं?

    क्या आधुनिक जन-आंदोलन गांधी के सत्याग्रह के मानकों पर खरे उतरते हैं?