डी. पी. यादव के नेतृत्व में बनी रणनीति
देव मणि शुक्ल
नोएडा पश्चिम प्रदेश निर्माण मोर्चा एवं नेशनल फ्रंट ऑफ इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में डिप्टी स्पीकर हॉल, कांस्टीट्यूशन क्लब, नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस गोष्ठी का उद्देश्य पश्चिमी उत्तर प्रदेश को अलग राज्य “पश्चिम प्रदेश” के रूप में गठित करने और क्षेत्र में कानून व्यवस्था, विकास तथा शासन-प्रशासन की मजबूती के लिए एक समग्र रणनीति तय करना था।

यह विचार गोष्ठी राष्ट्रीय परिवर्तन दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद श्री डी. पी. यादव के संरक्षण में आयोजित की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में वरिष्ठ नेता, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक, सामाजिक संगठन के प्रतिनिधि एवं वकील समुदाय के लोग मौजूद रहे।
पश्चिम प्रदेश निर्माण मोर्चा लंबे समय से यह मांग कर रहा है कि उत्तर प्रदेश के 27 जिलों को मिलाकर एक अलग ‘पश्चिमी प्रदेश’ का निर्माण किया जाए, जिससे इस क्षेत्र का सर्वांगीण विकास हो सके और जनता को सुशासन तथा सुविधाएं सुगमता से प्राप्त हों।
गोष्ठी में विचार व्यक्त करने वाले प्रमुख नेताओं में शामिल रहे:
चौधरी बीरेंद्र सिंह (पूर्व केंद्रीय मंत्री)
संजय सिंह (पूर्व केंद्रीय मंत्री)
विजय यादव (पूर्व विधायक)
सत्यपाल यादव एडवोकेट (मोर्चा अध्यक्ष)
कर्नल सुधीर चौधरी,
बीरबल, राजेंद्र सिंह, हरिओम यदुवंशी एडवोकेट (सुप्रीम कोर्ट)
नूर मोहम्मद कुरैशी, फिरोज खान, सुनहरी लाल यादव,
वरिष्ठ पत्रकार अरुण शर्मा,
आर. एन. यादव,
डी. के. त्यागी (समाजसेवी एवं संगठन प्रतिनिधि)
डॉ० जितेंद्र यादव उर्फ बिल्लू भैया
विकास ठाकुर इस्लामनगर बदायूं
सोशल मीडिया प्रभारी
तथा भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री यदुवीर सिंह।
गोष्ठी में सभी वक्ताओं ने एक स्वर में पश्चिमी प्रदेश की आवश्यकता को बताया और यह माना कि प्रशासनिक सुविधा, क्षेत्रीय संतुलन और विकास के लिए यह कदम आवश्यक है। उन्होंने इस मुद्दे को जन आंदोलन के रूप में परिवर्तित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
गोष्ठी के संयोजक श्री डी. पी. यादव ने सभी अतिथियों को धन्यवाद देते हुए आश्वस्त किया कि पश्चिमी प्रदेश की मांग को वे स्वयं पूरी मजबूती से भारत सरकार के समक्ष रखेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अब समय आ गया है जब इस क्षेत्र की उपेक्षा समाप्त कर, एक नये प्रदेश के गठन की दिशा मे कदम उठाए।








