जगदीप धनखड़ के उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफे को लेकर कई अटकलें हैं। आधिकारिक तौर पर उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया, लेकिन कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में संसद टीवी में एक जूनियर अधिकारी की नियुक्ति से जुड़ा अप्रैल का विवाद उनके इस्तीफे की वजह बताया जा रहा है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, अप्रैल 2025 में धनखड़ ने संसद टीवी के सचिव और प्रभारी के रूप में एक जूनियर अधिकारी की नियुक्ति की कोशिश की थी, जो उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर थी। यह नियुक्ति कैबिनेट की नियुक्ति समिति (एसीसी) के दायरे में आती थी, और धनखड़ का यह कदम उस समय उठाया गया जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विदेश दौरे पर थे। सूत्रों ने इसे ‘तख्तापलट जैसी स्थिति’ करार दिया। सरकार के शीर्ष अधिकारियों को इस नियुक्ति को रोकने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा, और उस अधिकारी को भी पद न संभालने के लिए कहा गया। इस घटना ने सरकार और धनखड़ के बीच तनाव पैदा किया, जिसे उनके इस्तीफे की एक संभावित वजह माना जा रहा है।
इसके अलावा, कुछ रिपोर्ट्स में जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव को स्वीकार करने के धनखड़ के फैसले को भी उनके इस्तीफे से जोड़ा गया है। यह प्रस्ताव विपक्ष ने पेश किया था, और सरकार इससे अनजान थी, जिससे धनखड़ और सरकार के बीच मतभेद बढ़े।
हालांकि, धनखड़ ने अपने इस्तीफे में केवल स्वास्थ्य कारणों का उल्लेख किया, और कोई आधिकारिक पुष्टि नियुक्ति विवाद या अन्य राजनीतिक कारणों की नहीं हुई है। विपक्ष ने भी उनके इस्तीफे की टाइमिंग पर सवाल उठाए हैं, खासकर यह देखते हुए कि वे संसद सत्र के पहले दिन पूरी तरह सक्रिय थे।
इसलिए, संसद टीवी की नियुक्ति और अप्रैल की घटना उनके इस्तीफे से जुड़ी हो सकती है, लेकिन यह केवल एक संभावित कारण है। पूरी तस्वीर अभी स्पष्ट नहीं है, और स्वास्थ्य कारणों के साथ-साथ राजनीतिक मतभेद भी इस फैसले में भूमिका निभा सकते हैं।






