अनुज कुमार शर्मा
नजीबाबाद। भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के मंडल अध्यक्ष ललित पाल ने दुकानों पर बन रहे घेवर के समान में घटिया सामग्री के उपयोग को लेकर मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। जिसमें उन्होंने बताया कि नजीबाबाद क्षेत्र में त्योहारों को लेकर इन दिनों मिष्ठान की दुकानों पर जमकर घेवर का काम किया जा रहा है लेकिन खास बात यह है कि उन घेवर को बनाने में जो सामग्री उपयोग की जा रही है वह मानक के अनुरूप नहीं है। जिसको बनाने में बहुत ही घटिया तेल का उपयोग किया जा रहा है जो मानव जीवन के लिए हानिकारक है।
जब इस विषय में आज दिनांक 25 जुलाई को 6:00 बजे तहसील नजीबाबाद फूड इंस्पेक्टर अनुपम यादव से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि इस शिकायत को संज्ञान में लेकर शिकायत में बताए गए स्थान का सर्वे किया गया है आपको बता दे भाजपा किसान मोर्चा मंडल अध्यक्ष ललित पाल के द्वारा मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत में बताया गया कि नजीबाबाद शहर के बाजारों व मोहल्ले में सावन के अवसर पर घेवर की बिक्री जोरों पर है, लेकिन इस समय खराब तेल के द्वारा घेवर निर्मित किया जा रहा है इससे घेवर खाने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के द्वारा किरतपुर में मिठाई की दुकानों पर लड्डू रसगुल्ले के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। फिर भी घेवर मिठाई का निर्माण करने वाले दुकानदारों को खाद सुरक्षा अधिकारियों का बिल्कुल भी भय नहीं है उनके द्वारा खराब तेल को इस्तेमाल करते हुए घेवर का निर्माण किया जा रहा है नगर नजीबाबाद के बाजार कल्लूगंज में मिठाइयों की दुकान वह बुरे बतासे आदि हलवाइयों की दुकान मोहल्ला मुगलू शाह बसंती माता के आसपास पर घेवर का निर्माण कर बेचने के लिए रखा गया है जिसमें घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया हुआ है।
घेवर की मिठाई पर मक्खियों बैठी हुई देखी जा सकती हैं इस समय बरसात होने के कारण तरह-तरह की बीमारियां पनप रही हैं फिर भी मिठाई बेचने वाले साफ सफाई का ध्यान न रखते हुए दुषित मिठाई व घेवर बेचने पर लगे हैं। उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। मिठाइयों को डिब्बे मिठाई के साथ तोला जा रहे हैं इस समय घेवर मिठाई की बिक्री अधिक होने के कारण मिठाई के दुकानदारों द्वारा मोटे-मोटे डब्बे घेवर बेचने के लिए दुकानों पर रखे गए हैं जिसमें घेवर को बेचा जा रहा है। घेवर के साथ डिब्बा तोला जा रहा है इससे उपभोक्ताओं को ठगी का शिकार होना पड़ रहा है।








