भारत, जो अपनी तेल जरूरतों का लगभग 35-40% रूस से आयात करता है (2024 में 52.73 बिलियन डॉलर का कच्चा तेल), इस धमकी से प्रभावित हो सकता है। रूस भारत को रियायती दरों पर तेल बेचता है, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार से सस्ता है (लगभग 60 डॉलर प्रति बैरल बनाम 70 डॉलर)। अगर प्रतिबंध लागू होते हैं, तो भारत को मध्य पूर्व या अफ्रीका जैसे महंगे स्रोतों की ओर रुख करना पड़ सकता है, जिससे तेल आयात बिल बढ़ेगा और अर्थव्यवस्था पर असर पड़ेगा।
रूस ने जवाब में कहा है कि वह इन प्रतिबंधों का सामना करने के लिए तैयार है, और रूसी विदेश मंत्रियों ने ट्रंप के अल्टीमेटम को खारिज कर दिया है। भारत अब एक जटिल स्थिति में है, जहां उसे रूस के साथ रणनीतिक साझेदारी और अमेरिका के साथ व्यापारिक संबंधों के बीच संतुलन बनाना होगा।
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