इसी बीच, सीबीआई ने किरू हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार के मामले में सत्यपाल मलिक और उनके दो निजी सचिवों सहित छह लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। यह कार्रवाई उनके द्वारा 300 करोड़ रुपये की रिश्वत पेशकश के दावे से जुड़े मामले में हुई, जिसमें उन्होंने फाइलों को मंजूरी देने से इनकार कर दिया था।
सतपाल मलिक ने पहले भी केंद्र सरकार पर पुलवामा हमले और भ्रष्टाचार को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसके बाद सीबीआई ने उनके और उनके करीबियों के ठिकानों पर कई बार छापेमारी की। वे किसान आंदोलन का समर्थन करते रहे हैं और खुद को “किसान का बेटा” बताते हुए दबाव में न झुकने की बात कह चुके हैं। उनके स्वास्थ्य को लेकर X पर समर्थकों ने चिंता जताई है और उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की है। फिलहाल, उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है, और वे बातचीत करने की हालत में नहीं हैं।







