योग कर ऑफिस में होने वाले तनाव से पाएं छुटकारा 

अंकित कुमार गोयल 

फिस कर्मचारी (Physical and mental problems) शारीरिक  और मानसिक समस्याएँ से हैं ग्रसित, तो आइयें जानतें हैं वो अपनी (Routine) दिनचर्या में बदलाव करके आसान से (yoga tips) योग के टिप्स अपनाकर कैसे आसानी से इन समस्याओं (Problems) से पा सकतें हैं छुटकारा –
जब हम (long hours of office) लम्बे समय तक ऑफिस में काम करते हैं । सुबह ऑफिस जल्दी पहुँचने की चिंता में नाश्ता breakfast ठीक से ग्रहण नहीं कर पाते हैं ।  ऑफिस में दिन भर एक ही अवस्था में बैठकर कार्य करते हैं या फिर ऑफिस का (environment) वातावरण शांत नहीं होता हैं अर्थात तनावपूर्ण (stressful) रहता है,  (work pressure) कार्य का दबाव अधिक रहता हैं,  तो ऐसी स्थिति में शरीर में  तेज़ी के साथ दोष आने लगते हैं  ।  वो व्यक्ति , महिला या पुरुष जो लम्बे समय तक ऑफिस में एक बैठकर एक ही अवस्था में कार्य करते हैं या फिर ऑफिस में उनको लम्बे समय तक कम्प्यूटर पर कार्य करना पड़ता हे,  तो उनके शरीर में धीरे -धीरे कई प्रकार के दोष आने लगते हैं जैसे – हाथों और पैरो में जकड़न होना , कंधे और गर्दन में दर्द होना , पाचन बिगड़ना , हड्डियों में दर्द , शरीर की प्रणालियों में शिथिलता आ जाना , तनाव का होना और मानसिक अशांत रहना आदि।
हम अपनी दिनचर्या में कुछ बदलाव करके , प्रतिदिन  कुछ योगिक क्रियाएँ करके और प्राणायाम करके ना सिर्फ़  इन सब परेशानियों से बहुत आसानी से निज़ात पा सकते हैं बल्कि अपना जीवन को शांत ,बेहतर और सयंमित और ऊर्जावान बना सकते हैं। आइये जानते हैं क्या है लक्षण , कारण और निवारण-
लक्षण :- ऑफिस कर्मचारियों के शरीर में आने वाले दोषो के सामान्य लक्षण निम्नलिखित  हो सकते हैं ।
हाथों में और कमर अकड़न और जकड़न रहना , (shoulder) कंधे और (neck) गर्दन में दर्द और अकड़न होना , (lower back pain) कमर के निचले भाग में दर्द होना , पैट में (Constipation and gas formation) कब्ज की शिकायत और गैस बनना , सिर में भारीपन लगना , तनाव रहना , उच्च रक्त चाप रहना , आँखों के आगे धुंधलापन होना , आँखों से पानी आना , आँखों में स्ट्रेन बनना ,रीढ़ की हड्डी का सख्त हो जाना , घबराहट होना , मन अशांत रहना , मोटापा और मधुमेह का रोग होना ।
कारण :-देर तक कुर्सी पर बैठकर एक ही अवस्था में कम्प्यूटर पर टकटकी लगाकर काम करना ,   बॉस के द्वारा कार्य का दबाव बनाना  , पदोन्नति में रूकावट ,
आयु का बढ़ना , चाय और कॉफ़ी का बार – बार सेवन करना , योग्यतानुसार कार्य ना मिलना , (smoking) धूम्रपान और  तम्बाकू का सेवन करना , (living a passive life) निष्क्रिय जीवन जीना, (physical activity) शारीरिक गतिविधि या योगाभ्यास का प्रतिदिन ना होना ये कुछ ऐसे कारण हैं जिससे ऑफिस कर्मचारियों की (physical and mental problems) शारीरक और मानसिक समस्याएँ पैदा होती हैं ।निवारण (Redressal):-
ऑफिस में काम करने वाले कर्मचारियों को लम्बे समय तक एक ही अवस्था में बैठकर काम करना पड़ता हैं, उनके शरीर के कुछ भाग की माशपेशियों में जकड़न आने लगती है जिससे उनके शरीर में रक्त का प्रवाह ठीक से नहीं हो पाता है , उनके संकुचन (सिकुड़न) contraction और आंकुचन Flexion (विस्तार में कमी होना) की क्रिया भी ठीक से नहीं हो पाती है,  धीरे धीरे रीढ़ की हड्डी वाला भाग भी सख्त होने लगता है, जिससे शरीर के इन जगह पर दर्द रहना लगता है, शरीर के इन हिस्सों को फ्लेक्सिबल (लचकदार) बनाने के लिए पाचन , निष्काषन और रीढ़ को मज़बूत बनाने वाले अभ्यास करने चाहियें ।
योगासन :- योगासन में शुक्ष्म क्रियाएं गर्दन , कन्धे और  हाथों की शुक्ष्म क्रियाएं करनी चाहियें इसके अलावा ताड़ासन , तिर्यक ताड़ासन , कटिचक्रासन , हस्तोतानासन, पादहस्तासन का अभ्यास करना चाहिये और इसके अतिरिक्त भुजंगासन , उष्ट्राषन फिर उष्ट्रासन का काउंटर पोज़  शशांकसन और मकरासन को प्रतिदिन योगसाधना में शामिल करें।

प्राणायाम :- प्राणायाम का सरल अर्थ  है – प्राण या श्वास का आयाम या (Expansion) विस्तार  ही प्राणायाम कहलाता है।  प्राणायाम में (bhastrika pranayama) भस्त्रिका प्राणायाम , लम्बे गहरे स्वास लेना और छोड़ना , कपालभाति प्राणायाम (kapalbhati pranayama), भ्रामरी प्राणायाम (bhramari pranayama)  का अभ्यास किया जा सकता है।

भोजन (Diet) :- सांयकालीन भोजन सुपाच्य और  आठ भजे तक ग्रहण कर  लें। दिन के समय में मौसम के हिसाब से सामान्य या गुनगुना पानी का सेवन करते रहें।  भोजन करने से पहले मौसम के सलाद अवश्य लें।  (tea and coffee) चाय और कॉफी  का सेवन कम करें।  चाय या कॉफ़ी की जगह (Sattvik tea) सात्विक चाय भी ले सकते हैं। (homely made food) ऑफिस में घर का बना भोजन अपने साथ लेकर जाएँ।

अन्य सुझाव (Other suggestions) :-

ऑफिस से घर आने के बाद दस मिनट शवासन (SAVASANA) या बीस से पच्चीस मिनट योगनिंद्रा (YOGANINDRA) का अभ्यास अवश्य करें,  योगनिंद्रा करने से ना सिर्फ़ आपको दिन भर की थकान  से राहत मिलेगी बल्कि शारीरिक स्थिरता, हल्कापन  और मानसिक शांति मिलेगी।  ऑफिस में प्रत्येक डेढ़ से दो घंटे के बाद कुर्सी के पास खड़े होकर या कुर्सी पर बैठकर ही गर्दन, कंधे, बाजु और रीढ़ की हड्डी से सम्बंधित योगिक क्रियाएँ करनी चाहियें। कम्प्यूटर पर देर तक काम करने वाले कर्मचारियों को सलाह दी जाती है 20 -25 फ़ीट की दूरी पर बार-बार देखना तथा  आँखों को बार – बार बंद करना और खोलने की क्रिया करना।  कुर्सी पर बैठे – बैठे शरीर को ढीला छोड़े।  आँखे बंद कर लें। nostrils नासिका के अग्रभाग (आगे का भाग) पर एकाग्रचित होते हुए दो से दिन मिनट तक दृष्टा (बिना कुछ अच्छे और बुरा देखे) भाव  से breathe स्वासों को देखें।

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