कर मानव से प्यार

कर मानव विचार।
मानव रूप है ईश्वर का,
कर मानव से प्यार॥
जग में कुछ नहीं तेरा,
फिर क्यों ये तेरा मेरा।
आखिर सांसे खोल छोड़ेगी,
छूट जाएगा ये बसेरा॥
छोड़ यहाँ से जाएगा,
संगी साथी यार।
कर मानव से प्यार॥

पढ़े तूने गीता और वेद,
गए न तेरे मन के भेद॥
सुबह शाम की तूने पूजा,
मनवा नहीं हुआ सफेद॥
ढ़ाई अक्षर प्रेम के,
लाये जीवन में झंकार।
कर मानव से प्यार॥

दुखियों को गले लगा ले,
बेगानों को भी अपना ले। ।
मोह माया के बंधन तोड़,
सद्भावों के नगमें गा ले। ।
समझ पराया दुख अपना,
गिरा घृणा की दीवार।
कर मानव से प्यार॥

प्रियंका ‘सौरभ’
दीमक लगे गुलाब (काव्य संग्रह)

  • Related Posts

    न बचेगी ट्रम्प शाही …
    • TN15TN15
    • March 11, 2026

    जब जब इंसानियत पर  बात है आई तानाशाहों…

    Continue reading
    सुगंध को फैलाते चलो
    • TN15TN15
    • March 3, 2026

    सुनते चलो बढ़ते चलो मत टोको मत रुको…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    ना गैस, ना चूल्हा-इंडक्शन पर फूली-फूली, रुई जैसी नरम रोटी बनाएं!

    • By TN15
    • March 12, 2026
    ना गैस, ना चूल्हा-इंडक्शन पर फूली-फूली, रुई जैसी नरम रोटी बनाएं!

    नेपाल की स्थिरता के साथ परिवर्तन की खोज

    • By TN15
    • March 12, 2026
    नेपाल की स्थिरता के साथ परिवर्तन की खोज

    विनाश की नींव पर खड़ी…

    • By TN15
    • March 12, 2026
    विनाश की नींव पर खड़ी…

    THE WHITE MEN’S BURDEN

    • By TN15
    • March 12, 2026
    THE WHITE MEN’S BURDEN

    न बचेगी ट्रम्प शाही …

    • By TN15
    • March 11, 2026
    न बचेगी ट्रम्प शाही …

    न्यायालय ने शर्तों के साथ स्वीकार कर ली जमानत याचिका 

    • By TN15
    • March 11, 2026
    न्यायालय ने शर्तों के साथ स्वीकार कर ली जमानत याचिका