कम मतदान मतलब हर किसी के लिए सोचने का विषय?

चरण सिंह 
दूसरे चरण में पहले चरण से भी कम मतदान चिंता का विषय है। क्या लोगों में चुनाव के प्रति उत्साह नहीं है ? क्या राजनीतिक दलों से लोगों का मोह भंग हो गया है ? क्या प्रत्याशी अपने समर्थकों को घरों से नहीं निकाल पा रहे हैं ? क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चमत्कारिक चेहरे का जनता पर कोई असर नहीं पड़ रहा है ? आखिर वजह क्या है कि मतदान का प्रतिशत लगातार घट रहा है ?
कहने को तो सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही दल कम मतदान को अपने पक्ष में मानकर चल रहे हैं। विपक्ष के लोग कह रहे हैं कि घरों से बीजेपी का मतदाता नहीं निकल रहा है। वह गर्मी मान रहा है। ऐसे ही बीजेपी समर्थक कह रहे हैं कि इंडी गठबंधन के प्रत्याशी अपने समर्थकों को घरों से नहीं निकाल पा रहे हैं। ये लोग अपने लोगों को सही ढंग से संदेश नहीं दे पा रहे हैं। हालांकि सोचने को दोनों ही पक्ष के नेता मजबूर हैं।

अखिलेश यादव ने तो पहले चरण के मतदान से उत्साहित होकर कन्नौज से पर्चा भी भर दिया। मतलब अखिलेश यादव को लग रहा है कि इंडिया गठबंधन की सरकार बनने जा रही है। ऐसे ही बसपा मुखिया मायावती भी फार्म में अ रही हैं। ज्यों ज्यों मतदान आगे बढ़ रहा है त्यों-त्यों मायावती फार्म में आ रही हैं। मायावती और उनके भतीजे आकाश आनंद केंद्र और राज्य सरकार पर हमलावर हो रहे हैं। कहीं भाजपा अति आत्मविश्वास में नुकसान उठाने तो नहीं जा रही है ?
अक्सर यह माना जाता है कि गर्मी में जो मतदाता वोट डालने के लिए नहीं निकलता है वह बीजेपी का होता है। बसपा का वोट बैंक तो गर्मी, बरसात और सर्दी में भी वोट डालता है। ऐसे ही मुस्लिम मतदाता भी घर से निकलता है। तो यह मतदाता जो घरों से निकल नहीं रहा है वह किस पार्टी का है ? 2019 के  दूसरे चरण के मतदान में 70 फीसद वोट पड़ा था तो इस बार दूसरे चरण के मतदान में 61 फीसदी वोट पड़ा है। पहले चरण में 64 फीसदी वोट पड़ा था।

इसमें दो राय नहीं कि इससे कमजोर विपक्ष देश में कभी नहीं रहा है। कांग्रेस को छोड़ दें तो पूरा का पूरा विपक्ष डरा हुआ महसूस पड़ रहा था। हां यह जरूर कहा जा सकता है कि जनता सरकार से डर नहीं रही है। सीना तानकर सत्ता को ललकार रही है। वोट की चोट से सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों को जवाब दे रही है। कम वोटिंग कर लोग नेताओं को संदेश दे रहे हैं कि हमें तुम लोग पसंद नहीं हो।
दिलचस्प बात यह है कि कम वोटिंग के चलते घर से न निकलने वाले वोट बैंक को दल एक दूसरे का मानकर चल रहे हैं। यह समझने को तैयार नहीं कि उसे लोग वोट क्यों दें। विपक्ष के नेता विपक्ष की भूमिका निभाने को तैयार नहीं। न कोई आंदोलन और न ही कोई रैली। बस किसी तरह से बिल्ली के भाग से छींका टूट जाए। ऐसे ही सत्ता पक्ष जुमले के बल पर लोगों को भ्रमित करना चाहता है। जनता है कि उसने दोनों को ही भ्रमित कर दिया।

  • Related Posts

    डोनाल्ड ट्रम्प की गुगली में फंसे मोदी, भारत को बड़ा झटका देंगे अमेरिका के राष्ट्रपति ?
    • TN15TN15
    • June 19, 2026

    चरण सिंह  फ़्रांस में हुए जी-7 शिखर सम्मेलन…

    Continue reading
    सरेआम‌‌ जम्हूरियत का कत्लेआम!
    • TN15TN15
    • June 19, 2026

    हर रोज खबरें मिल रही है कि ‌…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    Donald Trump Meloni Row: मेलोनी से भिड़े ट्रंप अब विवाद में डाल रहे घी, बोले- ‘वे हमारे साथ नहीं, ये अच्छी बात नहीं…’

    • By TN15
    • June 22, 2026
    Donald Trump Meloni Row: मेलोनी से भिड़े ट्रंप अब विवाद में डाल रहे घी, बोले- ‘वे हमारे साथ नहीं, ये अच्छी बात नहीं…’

    भारत संग बॉर्डर विवाद पर बालेन शाह मान ही नहीं रहे, यूके के मीडिएशन पर सफाई भी दी और अड़े भी 

    • By TN15
    • June 22, 2026
    भारत संग बॉर्डर विवाद पर बालेन शाह मान ही नहीं रहे, यूके के मीडिएशन पर सफाई भी दी और अड़े भी 

    राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की जांच के बीच बड़ी खबर, दान के पैसों की गिनती करने वाली टीम बदली

    • By TN15
    • June 22, 2026
    राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की जांच के बीच बड़ी खबर, दान के पैसों की गिनती करने वाली टीम बदली

    श्यामलाल कॉलेज (सांध्य) ने मनाया योग दिवस

    • By TN15
    • June 22, 2026
    श्यामलाल कॉलेज (सांध्य) ने मनाया योग दिवस

    लाहौर किला जेल में हठयोग!

    • By TN15
    • June 22, 2026
    लाहौर किला जेल में हठयोग!

    बाबा जी आए, बाबा जी जाएं

    • By TN15
    • June 22, 2026
    बाबा जी आए, बाबा जी जाएं