चंद्रशेखर आजाद नगीना लोकसभा सीट से दे रहे बड़ा संदेश

चरण सिंह 

अखिलेश यादव ने सोचा न होगा कि जिन चंद्रशेखर आजाद को उन्होंने ऐन वक्त पर धोखा दिया वह चंद्रशेखर आजाद नगीना लोकसभा क्षेत्र से बड़ा संदेश देने लगेगा। जी हां आजाद समाज पार्टी से चुनाव लड़ रहे चंद्रशेखर आजाद इंडिया गठबंधन से चुनाव लड़ने जा रहे थे। नगीना लोकसभा सीट समाजवादी पार्टी के खाते में आई थी तो यह माना जा रहा था कि नगीना लोकसभा सीट चंद्रशेखर आजाद को लड़ने के लिए दी जाएगी। जब समाजवादी पार्टी की ओर से पूर्व जज मनोज कुमार को चुनावी समर में उतार दिया गया तो लोगों की समझ में आ गया कि चंद्रशेखर के साथ धोखा हो चुका है। संघर्ष के बल पर खड़े होने वाले चंद्रशेखर आजाद जिस तरह से नगीना लोकसभा सीट पर लोकप्रियता बटोर रहे हैं उसको देखकर कहा जा सकता है कि चंद्रशेखर आजाद नगीना लोकसभा सीट से न केवल जीत रहे हैं बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति को प्रभावित करने जा रहे हैं। दलित समाज आज की तारीख में चंद्रशेखर आजाद को अपना आदर्श मानकर चल रहा है। ऐसे कितने युवा हैं जो बहुजन समाज पार्टी से जुड़े हैं पर वोट चंद्रशेखर आजाद को करने की बात कर रहे हैं।

दरअसल आज की तारीख में जहां एक ओर नेता वातानुकूलित कमरों से बयानबाजी करते हैं वहीं चंद्रशेखर आजाद ने अपने को संघर्ष की आग में तपाया है। यह उनका संघर्षशील स्वभाव ही है कि वह हर अन्याय के खिलाफ लड़ी जाने वाली लड़ाई में शामिल होने की कोशिश करते हैं। यही वजह है कि चाहे किसान आंदोलन हो, पहलवान आंदोलन हो या फिर हक की लड़ाई लड़े जाने वाली कोई भी लड़ाई चंद्रशेखर आजाद इस तरह के आंदोलनों में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेते हैं। चंद्रशेखर अजाद के आंदोलनों में भाग लेने की वजह रही है कि उन्हें न केवल पहलवानों बल्कि किसानों का भी समर्थन प्राप्त है। अब उन्हें समाजवादी पार्टी से अलग होकर राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने भी उन्हें समर्थन दे दिया है। समाजवादी पार्टी से बगावत कर असदुद्दीन ओवैसी से मिलकर पीडीएम बनाने वाली पल्लवी पटेल का भी समर्थन चंद्रशेखर आजाद को है।
यह चंद्रशेखर आजाद का संघर्ष ही है कि नगीना लोकसभा सीट पर उनका चुनाव चिन्ह केतली चर्चा का विषय बनी हुई है। हर ओर से केतली-केतली की आवाज सुनने में आ रही है। दरअसल चंद्रशेखर आजाद के पक्ष में न केवल  मुस्लिम बल्कि दलित और दूसरे वर्ग का वोट बैंक भी खड़ा दिखाई दे रहा है। लोग उन्हें संघर्षशील नेता मान रहे हैं। लोगों को लग रहा है कि चंद्रशेखर आजाद उनके क्षेत्र की समस्याओं को लोकसभा में उठाने के लिए उपयुक्त सांसद साबित हो सकते हैं। नगीना लोकसभा सीट पर 6 लाख मुस्लिम और साढ़े तीन लाख दलित बताये जा रहे हैं। अधिकतर मुस्लिमों और दलितों का रुझान चंद्रशेखर आजाद की ओर देखा जा रहा है। यहां तक जिस राजपूत समाज से टकराकर चंद्रशेखर आजाद ने राजनीतिक वजूद बनाया वह राजपूत समाज भी चंद्रशेखर आजाद की तारीफ करता देखा जा रहा है। कहना गलत न होगा कि चंद्रशेखर आजाद की लोकप्रियता सभी दलों के प्रत्याशियों पर भारी पड़ रही है।
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