क्या भारत ‘एक देश एक चुनाव’ की ओर बढ़ रहा? कोविंद कमिटी की रिपोर्ट में क्या-क्या?

One Nation One Election: पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंड की अगुआई वाली कमिटी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ‘एक राष्ट्र एक चुनाव’ की रिपोर्ट सौंप दी है। कमिटी ने देशभर में एक साथ चुनाव कराने की सिफारिश की है। 32 दलों ने एकसाथ चुनाव कराने का किया समर्थन किया है।

नई दिल्ली । एक देश, एक चुनाव के लिए बनाई गई हाई लेवल कमिटी ने सिफारिश की है कि देश में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव साथ-साथ कराए जाएं। इसके लिए संविधान में संशोधन की सिफारिश भी की गई है। केंद्र सरकार ने एक देश, एक चुनाव को लेकर 2 सितंबर 2023 को एक हाई लेवल कमिटी बनाने का फैसला किया था। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को कमिटी का चेयरमैन बनाया गया और साथ में 7 मेंबर बनाए गए थे। रिपोर्ट में कहा गया कि बीच-बीच में चुनाव कराए जाने से सौहार्द बिगड़ता है। साथ ही आर्थिक विकास, शैक्षणिक क्षेत्र और खर्च पर पर विपरीत असर होता है।

 

1. कौन-कौन कमिटी में?

 

पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को कमिटी का चेयरमैन बनाया गया और साथ में 7 मेंबर थे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मेंबर में थे। पूर्व राष्ट्रपति कोविंद को चेयरमैन बनाया गया। शाह के अलावा दूसरे सदस्यों में लोकसभा में विरोधी दल के नेता अधीर रंजन चौधरी, गुलाम नबी आजाद, 15वीं फाइनैंस कमिशन के पूर्व चेयरमैन एन. के. सिंह, लोकसभा के पूर्व सेक्रेट्री जनरल सुभाष सी. कश्यप, सीनियर एडवोकेट हरीश साल्वे और पूर्व चीफ विजिलेंस कमिश्नर संजय कोठारी शामिल थे। कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल स्पेशल इन्वाइटी बनाए गए। लीगल मामलों के सेक्रेटरी एन. चंद्रा हाई लेवल कमेटी के सेक्रेट्री बनाए गए। बाद में अधीर रंजन चौधरी ने मेंबर बनने से इनकार कर दिया था।

 

2. क्या एकसाथ चुनाव के लिए संविधान संशोधन की जरूरत है?

 

कमिटी ने कहा है कि एकसाथ चुनाव और कार्यकाल फिक्स करने के लिए संविधान में संशोधन करना होगा। इसके लिए अनुच्छेद-324 और 325 में संशोधन करना होगा। अनुच्छेद-324 में संशोधन के लिए राज्यों से पुष्टि लेनी होगी। अनुच्छेद-324 में संशोधन से एकसाथ चुनाव कराने और अनुच्छेद-325 में संशोधन से वोटर आई कार्ड के संदर्भ में की गई सिफारिश का रास्ता साफ होगा। अनुच्छेद-83 और 172 में संशोधन करने की सिफारिश भी की गई है। इसके तहत लोकसभा और विधानसभा के कार्यकाल के बारे में बताया गया है। इस संवैधानिक संशोधन को राज्यों की मंजूरी की जरूरत नहीं होगी। कमिटी ने रिप्रजेंटेशन ऑफ पीपल ऐक्ट में भी संबंधित बदलाव की सिफारिश की है।

 

3. अलग-अलग चुनाव का क्या बताया गया नुकसान?

 

कमिटी ने तमाम विशेषज्ञों और हितधारकों से बात करने के बाद सिफारिश की है। कमिटी ने कहा कि देश की आजादी के बाद शुरुआत में हर 10 साल में दो चुनाव होते थे। अब हर साल कई चुनाव हो रहे हैं। इस कारण सरकार, व्यवसायी, मजदूर, अदालतें, राजनीतिक दल, चुनाव के उम्मीदवार, सिविल सोसायटी के लोगों पर बड़े पैमाने पर बोझ पड़ रहा है। ऐसे में सरकार को एक साथ चुनावी चक्र को बहाल करने के लिए कानूनी तौर पर मान्य तंत्र विकसित करना चाहिए।
4. कौन-कौन से चुनाव एकसाथ कराने की सिफारिश की गई है?

 

5. त्रिशंकु सदन होने पर क्या होगा?

 

कमिटी ने कहा है कि त्रिशंकु सदन, अविश्वास प्रस्ताव या ऐसी स्थिति जिसमें नए सिरे से चुनाव की स्थिति बन जाए तो नए लोकसभा का कार्यकाल, पहली लोकसभा के कार्यकाल के शेष बचे समय के लिए ही होगा। साथ ही निर्धारित तिथि के बाद सदन भंग होगा। इसी तरह विधानसभा में भी अगर नए चुनाव की स्थिति बनती है तो नया विधानसभा का कार्यकाल लोकसभा के पूर्ण कार्यकाल की अवधि तक ही होगा। कमिटी की सिफारिश के मुताबिक, EVM, VVPAT जैसे उपकरण की खरीद, सुरक्षा और दूसरी व्यवस्था के लिए चुनाव आयोग को योजना तैयार करनी होगा।

 

6. सुप्रीम कोर्ट के किस जजमेंट का दिया गया हवाला?

 

कमिटी ने अपने निष्कर्ष में सुप्रीम कोर्ट के केशवानंद भारती के जजमेंट के सिद्धांत का हवाला दिया है। उसने कहा है कि सिफारिशें केशवानंद भारती केस के सिद्धांतों को स्पष्ट करती हैं। केशवानंद भारती जजमेंट में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि प्रत्येक संविधान से लंबे समय तक बने रहने की अपेक्षा की जाती है और इसलिए इसे अनिवार्य तौर पर समायोजी होना चाहिए। संविधान और विधान को इनकी जरूरतों के अनुसार बदलना होगा। साथ ही रिपोर्ट में विवेकानंद को कोट करते हुए लिखा गया है- ‘समाज एक ऐसा संघटन है जो प्रगति के अपरिवर्तनशील नियम का पालन करता है और परिवर्तन, विवेकपूर्ण और सतर्क परिवर्तन जनहित के लिए और वास्तव में सामाजिक व्यवस्था के संरक्षण के लिए जरूरी है।’

 

7. एकसाथ चुनाव कराने के लिए क्या राज्य विधानसभा को समय से पहले भंग करना होगा?

 

सीनियर एडवोकेट एम. एल. लाहौटी बताते हैं कि अनुच्छेद-83 (2) लोकसभा टर्म पांच साल से ज्यादा न करने और पहले खत्म होने की बात करता है। अनुच्छेद-85 (2) बी सदन भंग करने और नए सदन की बात करता है। 172 (1) राज्य विधानसभा भंग पहले भंग करने या फिर पांच साल का कार्यकाल की बात करता है। ऐसे में इसमें जरूरी संशोधन करना होगा, ताकि राज्य विधानसभा को भंग किया जा सके और मध्यावधि चुनाव के बाद उसका टर्म लोकसभा के पूर्ण कार्यकाल तक ही हो।

 

8. क्या एकसाथ चुनाव कराया जाना व्यवहारिक तौर पर सफल प्रयोग होगा?

 

आजादी के बाद चार चुनाव 1952, 57, 62 और 67 के चुनाव में लोकसभा और विधानसभाओं के चुनाव एकसाथ ही हुए थे। लोकसभा और विधानसभा का कार्यकाल क्या होगा, त्रिशंकु की स्थिति में मध्यावधि चुनाव के बाद क्या स्थिति होगी इस तरह के तमाम सवालों का जवाब समिति के रिपोर्ट से साफ हो चुका है अब कुछ संवैधानिक संशोधन की जरूरत पड़ेगी और अगर केंद्र सरकार संविधान संशोधन कर पाए तो एक देश, एक चुनाव का रास्ता साफ हो सकता है।
9. कितने दलों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया?

 

47 राजनीतिक पार्टियों में से 32 ने एकसाथ चुनाव कराने का किया समर्थन। राष्ट्रपति को कमिटी ने 18625 पेज की रिपोर्ट सौंपी है। कुल 21558 नागरिकों की प्रतिक्रिया मिली। 80 फीसदी ने चुनाव एकसाथ कराने का समर्थन किया।

 

10. किन-किन विशेषज्ञों की राय ली गई?

 

कमिटी ने सुप्रीम कोर्ट के चार पूर्व चीफ जस्टिस, हाई कोर्ट के 12 रिटायर्ड चीफ जस्टिस, चार पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्तों और आठ पूर्व चुनाव आयुक्तों के साथ-साथ लॉ कमिशन के अध्यक्ष को व्यक्तिगत तौर पर आमंत्रित किया और उनके विचार मांगे। साथ ही फिक्की, आर्थिक मामलों के जानकारों के विचार भी जाने।

  • Related Posts

    क्या टीएमसी का कांग्रेस में होने जा रहा विलय? घंटों की बैठक के बाद हुआ ये बड़ा फैसला !
    • TN15TN15
    • June 11, 2026

    दिल्ली में कांग्रेस की बड़ी बैठक खत्म हो…

    Continue reading
    1857 की क्रांति को दबाने में सेना पर आए खर्च की भरपाई के लिए भारतीयों पर थोपा गया था इनकम टैक्स!
    • TN15TN15
    • June 10, 2026

    आज़ाद भारत में भी 24 जुलाई को मनाया…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    CJP पर संजय राउत का बड़ा दावा, ‘अभिजीत दीपके और प्रधानमंत्री की अमेरिका में मीटिंग हुई, फोटो…’

    • By TN15
    • June 11, 2026
    CJP पर संजय राउत का बड़ा दावा, ‘अभिजीत दीपके और प्रधानमंत्री की अमेरिका में मीटिंग हुई, फोटो…’

    क्या टीएमसी का कांग्रेस में होने जा रहा विलय? घंटों की बैठक के बाद हुआ ये बड़ा फैसला !

    • By TN15
    • June 11, 2026
    क्या टीएमसी का कांग्रेस में होने जा रहा विलय? घंटों की बैठक के बाद हुआ ये बड़ा फैसला !

    ‘ममता बनर्जी अगर अभिषेक के साथ तो मैं…’, कल्याण बनर्जी ने TMC प्रमुख को दे दिया अल्टीमेटम

    • By TN15
    • June 11, 2026
    ‘ममता बनर्जी अगर अभिषेक के साथ तो मैं…’, कल्याण बनर्जी ने TMC प्रमुख को दे दिया अल्टीमेटम

    सेक्टर 16, 17 एवं 18 की झुग्गी बस्तियों में चल रही अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने हेतु ज्ञापन सौंपा

    • By TN15
    • June 11, 2026
    सेक्टर 16, 17 एवं 18 की झुग्गी बस्तियों में चल रही अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने हेतु ज्ञापन सौंपा

    पिता की पुण्यतिथि पर सचिन पायलट बड़ा सियासी संदेश, अशोक गहलोत का नाम लेकर कही मोहब्बत की दुकान 

    • By TN15
    • June 11, 2026
    पिता की पुण्यतिथि पर सचिन पायलट बड़ा सियासी संदेश, अशोक गहलोत का नाम लेकर कही मोहब्बत की दुकान 

    दिल्ली की 72 लाख में से सिर्फ 10 हजार इमारतों में सुरक्षा सिस्टम, अब अनिवार्य बनाने की तैयारी

    • By TN15
    • June 11, 2026
    दिल्ली की 72 लाख में से सिर्फ 10 हजार इमारतों में सुरक्षा सिस्टम, अब अनिवार्य बनाने की तैयारी