एक महिला ने की पेड़ से शादी , जानिए कैसे शुरू हुई इनकी प्रेम कहानी

अभी तक आपने कई प्रेम कहानियां सुनी होंगी, कोई सीमा पार कर एक देश से दूसरे देश बिना पासपोर्ट के अपने पेयर के खातिर चले जाते है .. .. तो कभी 60 -70 साल के चाचा को 18 साल की जवान लड़की से प्यार हो जाता है .। कही एक की दूल्हे की 2 दुल्हनो के साथ शादी हो रही है .। और ना जाने कई एसी अजीबो गरीबों प्रेम कहानिया देखने और सुनने को मिलती है लेकिन आज हम आपको एक ऐसी महिला के बारे में बतायेंगे, जिसे किसी इंसान से नहीं, बल्कि एक पेड़ से प्यार हो गया है। यह सुनकर आपको हैरानी हो रही होगी, लेकिन सच यही है। कनाडा की रहने वाली सोनजा सेम्योनोवा को ओक के पेड़ से प्यार हुआ है और उन्होंने खुद को ‘इकोसेक्सुअल’ बताया है। इसका मतलब एसे व्यक्ति से है, जो प्रकृति यानि nature को अपने प्रेमी के रूप में मानते है।

अब क्या है ये पूरा मामला चलिए आपको बताते है ? नमस्कार में सुंबीक और आप देख रहे THE NEWS 15
45(पैतालीस) साल की सोनजा ब्रिटिश कोलंबिया के वैंकूवर द्वीप में रहती हैं । वह रोजाना सैर करने बाहर जाती हैं और 2020 में एक दिन उनकी नजर एक बड़े से ओक के पेड़ पर पड़ी। इसके बाद वह हफ्ते में 5 दिन पेड़ के पास ही टहलती थी, जिससे उन्होंने पेड़ के साथ एक संबंध देखना शुरू कर दिया।
सोजना का यह संबंध धीरे-धीरे गहरा होता गया और एक दिन उन्होंने पेड़ के लिए कामुक भावनाओं यह कह लीजिए sensual फीलिंग आना शुरू हो गई ।

सोनजा ने बताया कि वह पेड़ के साथ जिस कामुक संबंध का अनुभव करती हैं, वह इंसानों के साथ होने वाली भावनाओं से बिल्कुल अलग है। उन्होंने कहा, “इंसानों के बीच होने वाला यौन संबंध और प्रकृति के साथ कामुकता इकोसेक्सुअल महसूस करना, इन दोनों के बीच काफी समानताएं होती हैं, लेकिन ये समान नहीं हैं। मैं पेड़ के साथ शारीरिक गतिविधियां नहीं करती, बल्कि मेरे लिए बदलते मौसम को देखना एक कामुक भावना है।”

सोनजा के मुताबिक, वह पेड़ के साथ जो उपस्थिति महसूस करती हैं, वैसी ही वह हमेशा एक साथी में चाहती थी। उन्होंने कहा, “मैं कामुकता की उस ऊर्जा को महसूस करने के लिए तरस रही थी, जो तब आती है जब आप एक नए साथी से मिलते हैं और वह टिकाऊ नहीं होता है।” इसके अलावा सोनजा का मानना है कि प्रकृति के साथ संबंध बनाने से कई जलवायु संबंधी चिंताओं से निपटने में भी मदद मिल सकती है।
सोनजा यह भी कहती हैं कि बहुत से लोगों में इकोसेक्सुअलिटी पहले से ही मौजूद हैं। उन्होंने कहा, ” इकोसेक्सुअलिटी के कारण ही हम पिकनिक मनाने के लिए पार्क जाना पसंद करते हैं, जहां हरियाली होती है और घूमने के लिए ऐसी जगह जाते हैं, जहां प्रकृति से जुड़ाव महसूस होता है। हम बस ये महसूस नहीं करते हैं कि प्रकृति के प्रति हमारी कमुकता के कारण ही हम ऐसी जगहों पर जाना पसंद करते हैं।

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