Ashok Gehlot will be shocked ? हाईकोर्ट ने मांग लिया एमएलए के इस्तीफों से जुड़ा रिकार्ड, हार्स ट्रेडिंग की जताई आशंका

नई दिल्ली/जयपुर। राजस्थान उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को गत सितंबर में 81 कांग्रेस विधायकों के इस्तीफे से संबंधित पूरे रिकार्ड की मांग की है। साथ ही कोर्ट ने विधायकों की खिंचाई करते हुए कहा कि कार्य खरीद-फरोख्त को बढ़ावा देते हैं।
मामले की सुनवाई 31 जनवरी को उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ की याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस पंकज मित्तल और जस्टिस शुभा मेहता की खंडपीठ ने विधायकों के इस्तीफे के मूल पत्रों के संबंध में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया के बारे में असली पत्र की मांग की। साथ ही विधायकों द्वारा वापस लिये जाने वाले आवेदनों की मांग और अध्यक्ष सीपी जोशी द्वारा पत्रों को रद्द करने वाले लेटर की मांग की। अदालत ने मामले की सुनवाई की अगली तारीख 31 जनवरी तक संबंधित दस्तावेज मांगे।
विधानसभा सचिव महावीर प्रसाद शर्मा ने 16 जनवरी को उच्च न्यायालय को सौंपे गये एक हलफनामे के अनुसार 81 विधायकों के इस्तीपे ने 16 जनवरी को उच्च न्यायालय का सौंपे गये हलफनामे के अनुसार 81 विधायकों के इस्तीफे के पत्र जिनमें से पांच फोटोकापी थे, माननीय अध्यक्ष द्वारा प्राप्त किये गये थे, जो छह विधायकों द्वारा प्रस्तुत किये गये थे। याचिकाकर्ता का यह कहना सही नहीं है कि 91 इस्तीफे हुए हैं। मामले में खुद बहस करते हुए राजेंद्र राठौड़ ने शुक्रवार को कहा कि विधानसभा सचिव द्वारा उच्च न्यायालय को सौंपे गये हलफनामे में पर्याप्त जानकारी नहीं है और संबंधित दस्तावेजों को रिकार्ड पर लाने की मांग की गई है।
राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि किस विधायक ने इस्तीफा दिया। इन इस्तीफों पर स्वीकार की क्या टिप्पणी थी और क्या 110 दिन पुराने इस्तीफे पत्रों की जांच स्पीकर के निर्देश के तहत की गई थी ? इस तरह की जांच का परिणाम क्या था और क्या स्पीकर के ने पास किया था ? यह सब रिकार्ड पर लाया जाना चाहिए। महाधिवकत एमएस सिंघवी ने कहा कि नियमानुसार इस्तीफा वापस लेने का प्रावधान है। चूंकि विधायकों ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया, इसलिए उनके पत्रों को खारिज कर दिया गया।

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