आप सभी को ये तो मालूम होगा ही कि 7 सितंबर से कांग्रेस की ‘भारत जोड़ो’ यात्रा शुरू होने वाली है. और इसकी अगुवाई राहुल गांधी करेंगे. तो वही सूत्रों का कहना है कि कन्याकुमारी से कश्मीर तक की इस यात्रा में चलने वाले इन 100 से ज्यादा नेताओं को ‘भारत यात्री’ नाम दिया गया है और इनमें लगभग सभी वर्गों और प्रदेशों का प्रतिनिधित्व होगा। लेकिन ये पहली बार नहीं है जब भारतीय राजनीति में कोई पदयात्रा या रथयात्रा कर रहा हो। आपको बता दें कि हमारी राजनीति में यात्राएं जनसमर्थन हासिल करने का सटीक मंत्र रही हैं। फिर चाहें वो 1930 में महात्मा गांधी की दांडी मार्च पदयात्राओं की राजनीतिक शक्ति का दुनिया को अहसास करवाना हो या फिर 1990 में लालकृष्ण आडवाणी की रथ यात्रा से BJP कांग्रेस के बाद भारत में दूसरी बड़ी राजनीतिक ताकत बनाना हो. ये 2 राजनीतिक घटनाएं तो सिर्फ बानगी हैं। तो आज की स्टोरी में हम जनसमर्थन हासिल करने वाली ऐसे ही कुछ दिलचस्प राजनीतिक यात्राओं का किस्सा बताने वाले है…. तो चलिए जानते है भारतीय राजनीति को बदलने वाली 5 यात्राओं के बारे में…







