लखनऊ में 12-13 फरवरी 2026 की रात (गुरुवार शाम, 12 फरवरी को करीब 6 बजे) एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसने पूरे शहर को झकझोर दिया। यह घटना बंथरा इलाके में कानपुर रोड पर हनुमान मंदिर के पास हुई, जहां एक 12वीं कक्षा का छात्र तेज रफ्तार मारुति स्विफ्ट डिजायर कार चला रहा था।
हादसे की पूरी कहानी
छात्र (जिसका नाम कुछ रिपोर्टों में गौरव सिंह बताया गया है, उम्र करीब 21 साल) स्कूल की फेयरवेल पार्टी से लौट रहा था। कार में उसके साथ उसकी गर्लफ्रेंड (या कुछ रिपोर्टों में 4 दोस्त) मौजूद थे।
कार लखनऊ से कानपुर की ओर जा रही थी और काफी तेज रफ्तार में थी।
पहले कार ने एक ऑटो-रिक्शा को टक्कर मारी।
फिर यह सड़क किनारे चाट स्टॉल या पैदल चल रहे लोगों के ग्रुप में घुस गई। सड़क किनारे खड़े/चल रहे 6 लोगों को रौंद दिया, जिसमें शामिल थे: महिलाएं, बच्चे और एक 6 साल का मासूम बच्चा।
हादसे में 6 साल के बच्चे की मौके पर या इलाज के दौरान मौत हो गई। बाकी 5 लोग (दो महिलाएं, दो बच्चे समेत) गंभीर रूप से घायल हुए, जिनमें से कुछ की हालत नाजुक बताई गई।
ब्रेक-एक्सेलरेटर में कन्फ्यूजन का दावा
पुलिस पूछताछ में छात्र ने दावा किया कि उसे ब्रेक और एक्सेलरेटर पेडल में कन्फ्यूजन हो गया। उसने यह भी कहा कि टायर फट गया था, जिससे कार पर कंट्रोल खो गया।
पुलिस इन दावों की जांच कर रही है, क्योंकि कई रिपोर्टों में इसे रैश ड्राइविंग और ओवरस्पीडिंग का मामला बताया गया है। हादसे के बाद छात्र हिट एंड रन स्टाइल में भागने की कोशिश की, लेकिन बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। कार बरामद हो गई है।
अन्य महत्वपूर्ण बातें
छात्र के पास वैलिड ड्राइविंग लाइसेंस था (कुछ रिपोर्टों में कहा गया है), लेकिन कार वह किसी दोस्त से उधार ली हुई थी।यह हादसा कानपुर के हालिया लैंबोर्गिनी हादसे की तरह चर्चा में आया, जहां भी तेज रफ्तार और युवा ड्राइवर शामिल थे।
पुलिस ने रैश ड्राइविंग, लाइफ एंडेंजरमेंट आदि धाराओं में FIR दर्ज की है। जांच जारी है कि नाबालिग/युवा को कार कैसे मिली और ओनर की जिम्मेदारी क्या है।
यह हादसा एक बार फिर अंडरएज/अनुभवहीन ड्राइविंग, ओवरस्पीडिंग और रोड सेफ्टी के मुद्दे को उजागर करता है। पीड़ित परिवारों में गहरा मातम है, खासकर उस मां की चीखें जो कफन हटते ही गूंजीं।








