ट्रंप की चेतावनी चीन को: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर चीन ईरान को हथियार (खासकर एयर डिफेंस सिस्टम) भेजता है, तो चीन को “बड़ी समस्याएं” (big problems) होंगी। उन्होंने 50% तक टैरिफ लगाने की भी धमकी दी है। यह CNN और अन्य रिपोर्ट्स के हवाले से आया, जहां इंटेलिजेंस का दावा है कि चीन ऐसे सिस्टम ईरान को भेजने की तैयारी में है। ट्रंप ने यह बयान हाल ही में (अप्रैल 2026) दिया, जब ईरान-US/इजराइल टेंशन के बीच ceasefire की बातें चल रही हैं।
चीन का रुख: चीन ने बार-बार कहा है कि वह ईरान के आंतरिक मामलों में विदेशी हस्तक्षेप (interference) का विरोध करता है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ताओं (जैसे Mao Ning या Lin Jian) ने कहा:
“China always opposes interference in other countries’ internal affairs…”
ईरान की संप्रभुता, सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान होना चाहिए।
US-Israel के हमलों की निंदा की, ceasefire और कूटनीति की अपील की, और “vicious cycle” की चेतावनी दी।
चीन ईरान का बड़ा तेल खरीदार है (25-year strategic partnership) और राजनैतिक/आर्थिक समर्थन देता है, लेकिन सीधे सैन्य हस्तक्षेप से बच रहा है।
संदर्भ (Iran-US/Israel conflict):
यह US-Israel और ईरान के बीच हाल के संघर्ष (Strait of Hormuz, हमले, ceasefire talks) का हिस्सा है। चीन “don’t interfere” वाली अपनी क्लासिक लाइन दोहरा रहा है (जो वह ताइवान, हांगकांग आदि पर भी इस्तेमाल करता है), जबकि ट्रंप इसे ईरान को मदद के रूप में देख रहे हैं। चीनी मीडिया और सरकार इसे US की “bloc confrontation” के रूप में पेश कर रही है।
भारतीय मीडिया में:








