नोएडा, गांव विसाडा दादरी ग्रेटर नोएडा अखलाक मांव लीचिंग हत्याकांड मामले में अपर जिला न्यायालय गौतम बुद्ध नगर में सुनवाई थी। सुनवाई के दौरान भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी की राष्ट्रीय नेता पूर्व राज्यसभा सांसद कामरेड वृंदा करात मौजूद रही।
प्रदेश सरकार द्वारा उक्त केस को वापस लिए जाने की अर्जी पर घंटों सुनवाई चली, न्यायालय ने पक्षों को सुनने के बाद पीड़ित पक्ष के वकील मोहम्मद यूसुफ सैफी व अदवी नकवी के तर्कों से सहमत होते हुए सरकार द्वारा कैस वापस लिए जाने की अर्जी को खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि यह हत्याकांड गंभीर प्रवृत्ति का है, पीड़ित पक्ष की ओर से गवाही हो चुकी है इस स्थिति में कैस को वापस लिए जाने से समाज में गलत संदेश जाएगा और पीडि़त न्याय से वंचित हो जाएंगे। न्यायालय ने यह भी आदेश दिया कि उक्त केस में प्रतिदिन सुनवाई कर शीघ्र आदेश दिए जाएं।
न्यायालय के आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए माकपा नेता कामरेड वृंदा करात ने जिला न्यायालय के आदेश की सराहना करते हुए न्यायालय का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह आदेश उत्तर प्रदेश की डबल इंजन की सरकार के मुंह पर कड़ा तमाचा है और न्याय की जीत है।
कॉमरेड वृंदा करात के साथ माकपा जिला सचिव रामसागर, सीटू नेता गंगेश्वर दत्त शर्मा, मुकेश कुमार राघव, सुखलाल, जनवादी महिला समिति की नेता रेखा चौहान, किरण देवी, लॉयर्स यूनियन के अधिवक्ता अरुण कुमार सहित दर्जनों माकपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।








