कब्जा हटाने पहुंचे नगर निगम के नायब तहसीलदार ने सोमवार को मिर्जापुर मस्तेमऊ गांव के दलित ग्रामीण राम मिलन को इतना जोरदार थप्पड़ मारा कि वह उन्हीं के सामने जमीन पर गिर पड़े। उनके कान से खून निकलने लगा। कुछ ही देर में वह बेहोश हो गए। उनकी हालत गंभीर देख नायब तहसीलदार टीम के साथ मौके से भाग निकले।
ग्रामीण एम्बुलेंस से उसे गोसाईं गंज सीएचसी ले गए। वहां से सिविल अस्पताल रेफर किया गया। यहां नाजुक हालत देखते हुए चिकित्सकों ने पीजीआई ट्रॉमा सेंटर भेज दिया। पीड़ित की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है।
नगर निगम के नायब तहसीलदार रत्नेश श्रीवास्तव, लेखपाल सुभाष कौशल, राकेश कुमार, लालू प्रसाद व पुलिस बल के साथ मिर्जापुर मस्तेमऊ में अवैध कब्जा हटवाने पहुंचे थे। कि किसान राम मिलन उनसे काफी दूरी खड़े होकर बात कर रहे थे। वह कह रहा था कि जमीन पुश्तैनी है। नवाबों के समय से जमीन उनके पास है। उन्होंने तीन पीढ़ी से चला आ रहा कागज दिखाया।
इस बीच नायब तहसीलदार को अचानक गुस्सा आ गया। वह आगे बढ़कर किसान के पास पहुंचे और जोरदार थप्पड़ जड़ दिया। थप्पड़ लगने के बाद किसान की बुजुर्ग पत्नी आगे आ गईं। सुरक्षा कर्मी ने राम मिलन का हाथ पकड़ कर पीछे किया। इस बीच पुलिस कर्मी हाथ पकड़े खड़ा ही था कि अचानक राम मिलन जमीन पर गिर पड़े। उनके कान से खून निकलने लगा। वह बेहोश हो गए। यह देख नगर निगम के अधिकारी टीम के साथ भाग निकले। क्षेत्रीय पार्षद राजेश रावत ने बताया कि जानकारी के बाद वह मौके पर पहुंचे। उन्होंने रात आठ बजे बताया कि वह अस्पताल में ही मौजूद हैं। पीड़ित की हालत गंभीर बनी है।







