मुंबई: BMC चुनाव के नतीजों में बीजेपी-एकनाथ शिंदे गुट की महायुति ने बड़ी जीत हासिल की है। 227 सदस्यीय BMC में महायुति ने 118 सीटें जीतकर बहुमत प्राप्त किया (BJP: 89, शिंदे शिवसेना: 29), जबकि उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) 65 सीटों पर सिमट गई और राज ठाकरे की MNS को सिर्फ 6 सीटें मिलीं।
इससे ठाकरे परिवार का 25-30 साल पुराना BMC पर नियंत्रण खत्म हो गया है, जो मुंबई की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
उद्धव ठाकरे का बड़ा बयान
हार के बाद उद्धव ठाकरे ने अपना पहला सार्वजनिक संबोधन दिया, जिसमें उन्होंने बीजेपी पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि “गद्दारी करके जिन्होंने जीत हासिल की है वह…” (यहां वे एकनाथ शिंदे के 2022 में विद्रोह और BJP के साथ गठबंधन को गद्दारी बता रहे हैं)।
उन्होंने आगे कहा:
“बीजेपी ने पैसे, दबाव, एजेंसियों और चालों से गद्दारों को खरीदा, लेकिन वफादारी नहीं खरीद सकते।”
“बीजेपी मुंबई को गिरवी रखना चाहती है, गद्दारी से चुनाव जीता; मराठी माणूस इस पाप को कभी माफ नहीं करेगा।”
“लड़ाई खत्म नहीं हुई, बल्कि शुरू हुई है। अगर भगवान ने चाहा तो हमारा मेयर बनेगा।”
उद्धव ने जोर दिया कि शिवसेना कागज पर नहीं, लोगों के दिलों में है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि असली जीत जमीनी कार्यकर्ताओं की मेहनत से है, और संघर्ष जारी रहेगा।
शिवसेना (UBT) ने सोशल मीडिया पर बालासाहेब ठाकरे की तस्वीर के साथ पोस्ट किया: “यह लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई… मराठी माणूस को सम्मान मिलने तक जारी रहेगी।”
यह बयान मुख्य रूप से एकनाथ शिंदे के 2022 विद्रोह (जिसमें 40+ विधायकों ने उद्धव सरकार गिराई) को “गद्दारी” कहकर बीजेपी की जीत को चुनौती दे रहा है। विपक्षी खेमे में यह ठाकरे ब्रांड को मजबूत करने की कोशिश लगती है, जबकि महायुति इसे विकास और जनता के फैसले के रूप में पेश कर रही है।








