1 अगस्त को भारतीय कम्युनिस्ट आंदोलन के स्तंभ, भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के पूर्व महासचिव, महान स्वतंत्रता सेनानी, अमर क्रांतिकारी कामरेड हरकिशन सिंह सुरजीत (23 मार्च 1916 – 1 अगस्त 2008) की पुण्यतिथि है।
इस अवसर पर सीटू, गौतम बुद्ध नगर की ओर से महान कामरेड को क्रांतिकारी लाल सलाम और भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है।
कामरेड सुरजीत का जीवन समर्पण, संघर्ष और वैचारिक प्रतिबद्धता की मिसाल है –
* वे कम उम्र में ही स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े और शहीद-ए-आजम भगत सिंह के विचारों से प्रेरित हुए। • 1932 में अंग्रेजी साम्राज्यवाद के खिलाफ तिरंगा फहराने पर उन्हें गिरफ्तार किया गया और ब्रिटिश हुकूमत ने उन्हें कठोर यातनाएं दीं। • उन्होंने पंजाब में किसान आंदोलन को संगठित किया और अखिल भारतीय किसान सभा को मजबूत किया। • वे 1964 में CPI(M) के संस्थापक नेताओं में शामिल थे और 1992 से 2005 तक पार्टी के महासचिव रहे। • भारत में सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक शक्तियों की संयुक्त आंदोलन और एकता के निर्माण में उनकी ऐतिहासिक भूमिका रही, जिसे देश कभी भुला नहीं सकता।
उन्होंने अपना पूरा जीवन मेहनतकश जनता, मजदूरों-किसानों को संगठित कर एक न्यायपूर्ण और समानता वाले समाज के सपने को समर्पित कर दिया।
आज जब देश में साम्राज्यवाद, सांप्रदायिकता और मेहनतकश विरोधी नीतियां हमला कर रही हैं, तब कामरेड सुरजीत के विचार और उनका संघर्ष और भी प्रासंगिक हो जाते हैं।
सीटू गौतम बुद्ध नगर संकल्प लेता है कि उनके दिखाए रास्ते पर चलते हुए मजदूर-किसान एकता को मजबूत करेंगे और धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक भारत की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।
कामरेड हरकिशन सिंह सुरजीत अमर रहें!
उनके विचार जिंदा हैं – उनका संघर्ष जारी है – उनका सपना हमारा संकल्प है!
इंकलाब जिंदाबाद! मजदूर-किसान एकता जिंदाबाद! साम्राज्यवाद मुर्दाबाद!







