बिहार विधानसभा चुनाव पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बड़ा दावा किया है। अखिलेश यादव ने नवादा और अन्य जगहों पर चुनावी सभाओं में कहा कि बिहार की जनता ने फैसला कर लिया है – महागठबंधन (आरजेडी, कांग्रेस, वाम दलों आदि) की सरकार बनेगी। उन्होंने बीजेपी-एनडीए पर निशाना साधते हुए कहा कि नौजवान रोजगार और विकास के लिए तेजस्वी यादव जैसे युवा नेताओं को चुनेगा। एक रैली में उन्होंने जोर देकर कहा, “बिहार में महागठबंधन की सरकार बन रही है, बीजेपी बाहर हो जाएगी।
पहले चरण के बाद भविष्यवाणी: मतदान के ठीक बाद अखिलेश ने दावा किया कि पहले चरण की 121 सीटों में से कई पर महागठबंधन मजबूत दिख रहा है, जैसे मधेपुरा, सहरसा, सीवान, छपरा आदि। हालांकि, ये अनुमान हैं – आधिकारिक रुझान 14 नवंबर को ही आएंगे। 2020 में इन सीटों पर महागठबंधन ने 61 और एनडीए ने 59 जीती थीं, तो इस बार भी कांटे की टक्कर है।
नई पीढ़ी पर “बड़ा दावा”: युवा ही बदलाव की ताकत
अखिलेश यादव ने नई पीढ़ी (युवाओं) को बदलाव का असली इंजन बताया। उनके एक वीडियो बयान में कहा गया: “नई पीढ़ी की सोच प्रगतिशील, समावेशी और भेदभाव-रहित है। ये अमन-चैन, तरक्की और खुशहाली चाहती है। पुरानी रूढ़िवादी सोच और साम्प्रदायिकता के खिलाफ खड़ी होकर ये नया दौर लाएगी।”
क्यों खास?
उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि नई पीढ़ी पुरानी पीढ़ी से ज्यादा उदार, सहनशील और सकारात्मक है। ये जातिवाद, नफरत की राजनीति को नकार देगी और सबको साथ लेकर चलेगी। बिहार चुनाव को युवाओं की जीत बताते हुए बोले, “अब बदलाव तय है, नई पीढ़ी महागठबंधन के साथ।”
संदर्भ: ये दावा बिहार चुनाव प्रचार के दौरान आया, जहां अखिलेश ने तेजस्वी यादव को “नौजवान सीएम” बताते हुए कहा कि ये नौकरियां और विकास लाएंगे।








