प्रोफेसर निताशा कौल को कर्नाटक सरकार के कार्यक्रम में जाने से क्यों रोका गया?

ब्रिटेन की वेस्टमिंस्टर यूनिवर्सिटी में भारतीय मूल की एक प्रोफेसर को कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने एक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया था. लेकिन इससे पहले की वो कार्यक्रम में पहुंचती होने पहले ही बेंगलुरु हवाई अड्डे पर पहुंचते ही डीटेन किया गया और फिर डिपोर्ट कर दिया गया।
इस बिच सबसे बड़ा सवाल ये उठता है कि आखिर उन्हें रोके के पीछे क्या वजह हो सकती है. देश के प्राति लगातार आलोचनात्मक टिप्पणियाँ करना उन्हें रोकने की सबसे बड़ी वजह बताई जा रही है. आपको बता दे की प्रोफेसर निताशा कौल कश्मीर के मुद्दे पर लिखती और बोलती रही हैं। उन्होंने 2019 में जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद कश्मीर में मानवाधिकार उल्लंघन के संबंध में विदेश मामलों की संयुक्त राज्य अमेरिका की सदन समिति के सामने गवाह दिया था। इसके अलावा द कश्मीर फाइल्स की भी वह आलोचना कर चुकी हैं। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में जन्मीं निताशा 1997 में लंदन चली गई थीं। 2002 के बाद पांच साल तक वह ब्रिस्तल बिजनेस स्कूल में अर्थशास्त्र की सहायक प्रोफेसर रहीं और अब वेस्टमिंस्टर विश्वविद्यालय में राजनीति और अंतरराष्ट्रीय मामलों की असोसिएट प्रोफेसर हैं। प्रोफेसर निताशा कौल ने ‘X'(पूर्व नाम ट्वीटर) पर पोस्ट की शृंखला में दावा किया कि उन्हें बेंगलुरु हवाई अड्डे पर आव्रजन अधिकारियों द्वारा कोई कारण नहीं बताया गया और भारत सरकार से पहले से कोई नोटिस या सूचना नहीं मिली कि उन्हें देश में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। बताया जा रहा है की कर्नाटक सरकार की ओर से इस पर तत्काल कोई बयान नहीं आया है। सरकार ने 24 और 25 फरवरी को दो दिवसीय ‘संविधान और राष्ट्रीय एकता सम्मेलन – 2024 का आयोजन किया था जिसमें कौल को वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया था। सोशल मीडिया मंच पर कौल के परिचय में बताया गया है कि वह अन्य चीजों के अलावा एक उपन्यासकार, लेखिका और कवयित्री भी हैं। प्रोफेसर निताशा कौल ने कर्नाटक सरकार द्वारा उन्हें दिए गए निमंत्रण और अन्य सम्मेलन-संबंधित पत्रों की तस्वीरें साझा करते हुए कहा, ‘लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों पर बोलने के लिए भारत में प्रवेश से रोक दिया गया है। मुझे कर्नाटक सरकार (कांग्रेस शासित राज्य) द्वारा सम्मानित प्रतिनिधि के रूप में एक सम्मेलन में आमंत्रित किया गया था लेकिन केंद्र सरकार ने मुझे प्रवेश करने से मना कर दिया। मेरे सभी दस्तावेज और ब्रिटेन का मौजूदा पासपोर्ट वैध हैं। प्रोफेसर निताशा कौल ने ‘एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि अधिकारियों ने अनौपचारिक रूप से संकेत दिया है कि उन्हें भारत में प्रवेश से वंचित कर दिया गया है क्योंकि उन्होंने अतीत में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की आलोचना की है। BJP की कर्नाटक इकाई ने घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रोफेसर को ‘भारत विरोधी तत्व और ‘भारत तोड़ो ब्रिगेड का हिस्सा करार कर दिया। उसने कौल को निमंत्रण देने के लिए कर्नाटक सरकार और मुख्यमंत्री सिद्धरमैया की भी आलोचना की। भाजपा ने कौल को ‘पाकिस्तानी समर्थक बताते हुए ‘एक्स’ पर उनके कुछ लेखों के शीर्षक पोस्ट किए हैं।

Related Posts

अमेरिका ने हाल ही में ईरान पर हमले किए हैं, लेकिन “न्यूक्लियर साइट” पर MOAB (सबसे बड़ा गैर-परमाणु बम) नहीं गिराया ।
  • TN15TN15
  • March 12, 2026

क्या हुआ?   मार्च 2026 में (ऑपरेशन के…

Continue reading
‘भारत मुश्किल में…’, ईरान वॉर पर US एक्सपर्ट ने नई दिल्ली को किया आगाह!
  • TN15TN15
  • March 12, 2026

US जियोपॉलिटिकल एक्सपर्ट माइकल कुगेलमैन (अटलांटिक काउंसिल के…

Continue reading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

भारत के विभाजन का दलितों पर प्रभाव: एक अम्बेडकरवादी दृष्टिकोण

  • By TN15
  • March 12, 2026
भारत के विभाजन का दलितों पर प्रभाव: एक अम्बेडकरवादी दृष्टिकोण

बदलाव में रोड़ा बन रहा विपक्ष का कमजोर होना और मीडिया का सत्ता प्रवक्ता बनना!

  • By TN15
  • March 12, 2026
बदलाव में रोड़ा बन रहा विपक्ष का कमजोर होना और मीडिया का सत्ता प्रवक्ता बनना!

339वीं किसान पंचायत संपन्न, युद्ध नहीं शांति चाहिए

  • By TN15
  • March 12, 2026
339वीं किसान पंचायत संपन्न,  युद्ध नहीं शांति चाहिए

अमेरिका ने हाल ही में ईरान पर हमले किए हैं, लेकिन “न्यूक्लियर साइट” पर MOAB (सबसे बड़ा गैर-परमाणु बम) नहीं गिराया ।

  • By TN15
  • March 12, 2026
अमेरिका ने हाल ही में ईरान पर हमले किए हैं, लेकिन “न्यूक्लियर साइट” पर MOAB (सबसे बड़ा गैर-परमाणु बम) नहीं गिराया ।

‘भारत मुश्किल में…’, ईरान वॉर पर US एक्सपर्ट ने नई दिल्ली को किया आगाह!

  • By TN15
  • March 12, 2026
‘भारत मुश्किल में…’, ईरान वॉर पर US एक्सपर्ट ने नई दिल्ली को किया आगाह!

कहानी: “नीलो – सत्ता को चुनौती की कीमत “

  • By TN15
  • March 12, 2026
कहानी: “नीलो – सत्ता को चुनौती की कीमत “