ट्रंप के आक्रामक रुख और वेनेजुएला पर बढ़ते दबाव के बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो से फोन पर बात की। इस बातचीत में पुतिन ने वेनेजुएला की संप्रभुता और आंतरिक नीतियों का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने मादुरो की राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने वाली नीति की सराहना की और बाहरी दबावों के बीच देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रूस का साथ देने का वादा किया।
मुख्य बिंदु
फोन कॉल का संदर्भ: यह कॉल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन द्वारा वेनेजुएला के तट से एक तेल टैंकर को जब्त करने के तुरंत बाद हुई। अमेरिका ने इसे मादुरो पर दबाव बनाने की रणनीति बताया है, जिसमें मादक पदार्थों के आतंकवाद फैलाने के आरोप भी लगाए गए हैं। ट्रंप ने हाल ही में मादुरो को देश छोड़ने की धमकी भी दी थी।
पुतिन का वादा: पुतिन ने मॉस्को और काराकास (वेनेजुएला की राजधानी) के बीच सीधे संवाद को खुला रखने का आश्वासन दिया। साथ ही, रूस ने वेनेजुएला को संप्रभुता की रक्षा, अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन और लातिन अमेरिका में शांति बनाए रखने के संघर्ष में हर कदम पर साथ देने का वचन दिया। यह वादा सुरक्षा और सैन्य सहयोग के संकेत देता है, खासकर अमेरिकी सैन्य मौजूदगी बढ़ने के बीच।
वेनेजुएला का पक्ष : मादुरो ने अमेरिकी कार्रवाई को “समुद्री लूट” और “डकैती” करार दिया है। उनका कहना है कि यह सब उन्हें सत्ता से हटाने की साजिश है।






