जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में 14 अगस्त 2025 को चशोती (चिशोती) गांव के पास मचैल माता यात्रा मार्ग पर बादल फटने से भारी तबाही मची। विभिन्न स्रोतों के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा में 10 से 15 लोगों की मौत की आशंका जताई जा रही है, जिसमें से 6 लोगों की मृत्यु की पुष्टि हो चुकी है। कई लोग घायल हुए हैं और दर्जनों लापता बताए जा रहे हैं। बादल फटने से अचानक आई बाढ़ ने इलाके में सड़कों, टेंटों, और लंगर शेड को बहा दिया, जिससे मचैल माता यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं को भारी नुकसान हुआ।
मुख्य बिंदु:
स्थान: किश्तवाड़ जिले के पड्डर सब-डिवीजन, चशोती गांव, मचैल माता मंदिर के पास।
हानि: 6 लोगों की मृत्यु की पुष्टि, 10-15 मौतों की आशंका, 17 से अधिक घायल, और कई लापता।
प्रभाव: बाढ़ जैसे हालात, सड़कें और हाईवे बह गए, मचैल माता यात्रा के लिए लगे टेंट और दुकानें नष्ट।
बचाव कार्य: जिला प्रशासन, पुलिस, सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, और रेड क्रॉस की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। दो एनडीआरएफ टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं।
आधिकारिक बयान: केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने घटना पर शोक व्यक्त किया और राहत कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए।
मचैल माता यात्रा: यह वार्षिक तीर्थयात्रा देवी दुर्गा के रूप माता चंडी को समर्पित है, जिसमें हजारों श्रद्धालु हिस्सा लेते हैं। घटना के समय इलाका भीड़भाड़ वाला था।
ताजा अपडेट्स:
स्थानीय विधायक सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि अभी तक सटीक आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन नुकसान भारी होने की आशंका है।
उपायुक्त पंकज शर्मा ने पुष्टि की कि चशोती में अचानक बाढ़ आई, और बचाव अभियान शुरू हो चुका है।
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में इलाके में तबाही का मंजर दिखाई दे रहा है।
यह घटना उत्तराखंड के धराली में हाल ही में हुई बादल फटने की आपदा से मिलती-जुलती है। प्रशासन और बचाव दल स्थिति को नियंत्रित करने और प्रभावित लोगों को सहायता प्रदान करने में जुटे हैं। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
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