खार्ग या चाबहार… ईरान में कहां ग्राउंड अटैक करेगा अमेरिका?

अमेरिका ने खार्ग द्वीप (Kharg Island) पर पहले ही बड़ा एयर स्ट्राइक कर दिया है (14 मार्च 2026 को), जिसमें 90 से ज्यादा ईरानी सैन्य ठिकानों (मिसाइल स्टोरेज, नेवल माइन, एयर डिफेंस आदि) को नष्ट किया गया, लेकिन तेल इंफ्रास्ट्रक्चर को जानबूझकर बचाया गया। चाबहार (Chabahar) के पास भी अमेरिकी जेट्स ने सैन्य ठिकानों (पहाड़ी इलाके में) पर हमला किया है, लेकिन वो मुख्य रूप से एयर/मिसाइल स्ट्राइक्स थे, पोर्ट के कमर्शियल हिस्से (जिसमें भारत का निवेश है) को टारगेट नहीं किया गया। ग्राउंड अटैक (Boots on Ground) की संभावना कहां ज्यादा है? वर्तमान में चर्चा और प्लानिंग मुख्य रूप से खार्ग द्वीप पर ग्राउंड ऑपरेशन (seize/capture) की है, न कि चाबहार पर। कारण:

खार्ग द्वीप ईरान का सबसे महत्वपूर्ण तेल निर्यात हब है — यहां से करीब 90% ईरानी क्रूड ऑयल एक्सपोर्ट होता है। स्ट्रेट ऑफ हरमुज बंद रखने की ईरानी धमकी के जवाब में अमेरिका इसे कंट्रोल करने या जब्त करने का विकल्प विचार रहा है। इससे ईरान की अर्थव्यवस्था को भारी झटका लगेगा। अमेरिका ने हाल ही में 2,500 अतिरिक्त मरीन्स और एम्फीबियस असॉल्ट शिप (USS Tripoli सहित) मिडिल ईस्ट भेजे हैं, जो खार्ग जैसे द्वीप पर अम्फीबियस/ग्राउंड ऑपरेशन के लिए उपयुक्त हैं।
रिपोर्ट्स (Axios, Reuters, Fox News आदि) में साफ कहा गया है कि ट्रंप प्रशासन खार्ग को जब्त करने (seize Kharg Island) का विकल्प तौल रहा है। कुछ एनालिस्ट्स इसे “limited ground operation” मानते हैं, लेकिन रिस्क बहुत ज्यादा है (ईरान मिसाइल/ड्रोन से जवाब दे सकता है)। चाबहार पर ग्राउंड अटैक की कोई बड़ी चर्चा नहीं है। यह सिस्तान-बलूचिस्तान में है, हिंद महासागर की तरफ, भारत के लिए स्ट्रैटेजिक (INSTC प्रोजेक्ट), लेकिन अमेरिका का फोकस अभी पर्सियन गल्फ (हरमुज स्ट्रेट और तेल) पर है। चाबहार के पास सिर्फ एयर स्ट्राइक्स हुए हैं।

 

कुल मिलाकर स्थिति (मार्च 2026 तक):

 

एयर/मिसाइल स्ट्राइक्स: दोनों जगह हो चुके हैं — खार्ग पर बड़ा, चाबहार पर सीमित। ग्राउंड अटैक की तैयारी: मुख्य रूप से खार्ग की तरफ इशारा। अमेरिका फुल-स्केल इनवेजन (ईरान के अंदरूनी इलाकों में) नहीं चाहता, लेकिन लिमिटेड ऑपरेशन (खार्ग जैसे टारगेट पर) की प्लानिंग चल रही है। रिस्क: खार्ग पर ग्राउंड फोर्स भेजना तेल कीमतों को और बढ़ा सकता है, ईरान की ओर से भारी पलटवार हो सकता है, और लंबा फंसने का खतरा। ये सब तेजी से बदल रहा है (यूएस-ईरान-इजरायल वॉर का हिस्सा)। अभी तक कोई कन्फर्म्ड ग्राउंड अटैक नहीं हुआ है, लेकिन खार्ग ज्यादा चर्चा में है।

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