मानसून सत्र में बने गतिरोध के बीच संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने दो दिन में लगातार दूसरी बार लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से बात की है। सूत्रों के मुताबिक संसदीय कार्य मंत्री और राहुल गांधी के बीच सदन में डेडलॉक खत्म करने पर चर्चा हुई। इसके अलावा महिला आरक्षण और परिसीमन का समर्थन देने को लेकर भी हुई। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि वह इंडिया गठबंधन के सभी दलों के साथ मिलकर सरकार के साथ बात करेंगे।
कांग्रेस ने सरकार पर लगाया भ्रम फैलाने का आरोप
सूत्रों के मुताबिक बिल पास कराने के लिए संख्या पूरी है, लेकिन कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल है। इसलिए सरकार कांग्रेस को भी साथ लाना चाहती है। संसद के मानसून सत्र के दौरान परिसीमन और सदन की कार्यवाही को लेकर कांग्रेस और सरकार के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली. कांग्रेस ने सरकार पर भ्रम फैलाने और चर्चा से भागने का आरोप लगाया, वहीं पार्टी नेताओं ने कहा कि विपक्ष हर मुद्दे पर बहस के लिए तैयार है, लेकिन सरकार को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।
राहुल गांधी से हुई बात: किरेन रिजिजू
विपक्ष बार-बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के सदन में आने की मांग कर रहा है. इसे लेकर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, ‘पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पार्लियामेंट में ही रहते हैं, शाम में ही जाते हैं. बिल तो पास हो रहे हैं और कई सांसद चर्चा में हिस्सा ले रहे हैं। कांग्रेस के नए सांसद को इससे घाटा होता है क्योंकि वे बोल नहीं पाते हैं. वो इशू कब का खत्म हो गया, लेकिन ये लोग रोज सुबह-सुबह नाटक करते हैं, एक ही चीज को लेकर बैठे हुए हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों के हित में ऐतिहासिक फैसला लिया, लेकिन ये लोग सुबह-सुबह आकर भगवान राम का अपमान करते हैं।
उन्होंने कहा, ‘लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मेरी अच्छी बात हुई। हम चाहते हैं कि कांग्रेस और बाकि विपक्षी पार्टियों से बात करते रहें। हम एक दूसरे के विरोधी हैं, दुश्मन नहीं हैं. हम चाहते हैं कि देशहित में काम करें. गृहमंत्री संसद में सुबह से शाम तक हैं।
सदन की कार्यवाही स्थिगित
अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दों पर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी समेत कई विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण 6 जुलाई को लोकसभा की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई. सदन ने विपक्ष के हंगामे के बीच ही ‘कराधान एवं अन्य विधियां संशोधन विधेयक, 2026’ को चर्चा के बिना पारित कर दिया. मानसून सत्र की शुरुआत से सदन में एक भी दिन प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं हो सके।






