के.सी त्यागी के राष्टीय प्रवक्ता पद से इस्तीफा के पीछे छुपे कई राज

अभी हाल ही में जनता दल के यूनाइटेड वरिष्ठ नेता के सी त्यागी ने राष्ट्रीय प्रवक्ता पद से इस्तीफा दे दिया है। JDU के नेता और बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने उनकी जगह राजीव रंजन प्रसाद को नियुक्त किया है। बताया जा रहा है, कि के.सी त्यागी ने कुछ निजी कारणो की वजह से अपने पद से इस्तीफा दिया है। लेकिन क्या सच्च में के.सी त्यागी के अपने पद से इस्तीफा देने के पीछे यही वजह है या कोई और राज छुपा है। चलिए जानते है, की आख़िरकार ऐसी क्या वजह रही। जो के.सी त्यागी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

अपनी ब्यानबाजी के कारण

के.सी त्यागी के इस्तीफे के पीछे एक कारण यह भी हो सकता है, की पिछले कुछ समय में उन्होंने ऐसे कई बयान दिए। जिसमे पार्टी की सहमति नहीं रही थी। जिस से पार्टी के बीच असंतोष की स्थिति बनने लगी थी। आगे जाकर धीरे धीरे इस स्थिति ने गंभीर रूप ले लिया। सिर्फ इतना ही नहीं के.सी त्यागी अपनी इस बयानबाजी के कारण JDU ही नहीं बल्कि NDA से भी मतभेद की खबरे सामने आयी है। ऐसा ज्यादातर विदेशी निति के मुद्दो पर हुआ है। के.सी त्यागी ने इंडिया गठबंधन के नेताओ के साथ देते हुए इज़राइल को हथियारों की आपूर्ति रोकने के लिए एक साझा बयान पर हस्ताक्षर कर दिए। के.सी त्यागी का यह कदम JDU की लीडरशिप को असहज करने वाला था। इससे पार्टी के बीच विवाद बढ़ने लगे। इसके अलावा के.सी त्यागी ने अपनी पार्टी के सदस्यों से बिना चर्चा किये एक और बयान जारी किया था। यह बयान SC/ST के आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर दिया गया। जो पार्टी के सदस्यों को सही नहीं लगा। बहुत बार के.सी त्यागी ने ऐसे ही अपने निजी विचारो को पार्टी की राय और पार्टी की सहमति के रूप में प्रस्तुत किया है। ऐसे ही लेटरल एंट्री के मुद्दे पर भी के.सी त्यागी ने अपनी निजी राय को पार्टी की राय के रूप में प्रस्तुत किया था। जिसके कारण पार्टी की छवि खराब होने लगी और पार्टी के नेतृत्व पर भी सवाल उठने लगे। इन्ही सब कारणों की वजह से JDU ने के.सी त्यागी के इस्तीफे को स्वीकार करने का निर्णय लिया। के.सी त्यागी के इस्तीफे के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने JDU के राष्ट्र्य प्रवक्ता पद राजीव रंजन को नियुक्त किया गया है। जिसकी जानकारी पार्टी के महासचिव आफाक अहमद खान ने एक पत्र जारी करके दी है। के.सी त्यागी द्वार दिए गए इस्तीफे को स्वीकार करके JDU ने अंदरूनी मतभेदों की स्थिति को कम करने का प्रयास किया गया है। जिससे की पार्टी एकजुट होकर आगे काम कर सके और आगे भी बढ़ सके। के.सी त्यागी ने अमर उजाला से बातचीत करते हुए कहा है, कि वह नीतीश कुमार और जनता दल यूनाइटेड का साथ कभी नहीं छोड़ेंगे। वह पार्टी में बने रहेंगे और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता की तरह नहीं, लेकिन एक कार्यकर्ता के तौर पर अपनी बात मजबूती से रखते रहेंगे। उनके पास अभी भी पार्टी के सलाहकार का पद है और वे इस पद पर काम करते रहेंगे। के.सी त्यागी के इस्तीफे के बाद पार्टी की आगे की रणनीति पर सभी की नज़रें टिकी रहेंगी।

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