खबर हरियाणा के फरीदाबाद से आई है, जहाँ एक कबाड़ व्यापारी (स्क्रैप डीलर) ने ईमानदारी की अद्भुत मिसाल पेश की है। लोग इसे सोशल मीडिया पर “ईमानदारी की मिसाल” कहकर शेयर कर रहे हैं।
क्या हुआ था?
पीड़ित परिवार (अशोक शर्मा और उनका परिवार, भगत सिंह कॉलोनी, बल्लभगढ़, फरीदाबाद) ने पिछले साल जनवरी में कुंभ मेले से लौटने के बाद घर की सफाई की।
चोरी के डर से उन्होंने अपनी कीमती सोने की ज्वेलरी (करीब 100 ग्राम, यानी लगभग 10 तोले) को कागज में लपेटकर पुराने बोरे या सामान में छिपा दिया था।
दीवाली या सफाई के दौरान वे भूल गए और वह सामान कबाड़ समझकर बेच दिया।
परिवार को अंदाजा नहीं था कि उसमें 15 लाख रुपये के आसपास के सोने के गहने हैं।
कबाड़ी की शराफत
कबाड़ व्यापारी हाजी अख्तर खान (जिन्हें ‘खान साहब’ भी कहा जा रहा है) ने जब कबाड़ की छंटाई की, तो उन्हें कागज में लिपटा सोना मिला।
उन्होंने इसे 4-6 महीने तक सुरक्षित रखा और असली मालिक को ढूंढने की कोशिश की।
आखिरकार परिवार जब 6 महीने बाद कबाड़ वाले के पास “हमारा सामान कहाँ है?” पूछने पहुंचा, तो खान साहब ने पूरी ज्वेलरी लौटा दी।
यह काम एसीपी जितेश मल्होत्रा की मौजूदगी में हुआ, ताकि सब कुछ पारदर्शी रहे।
परिवार खुशी से फूला नहीं समाया और खान साहब की जमकर तारीफ की। पुलिस ने भी उनकी ईमानदारी की सराहना की।








