राहुल गांधी ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया था कि आदित्य श्रीवास्तव नामक एक व्यक्ति का नाम कर्नाटक, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश (लखनऊ) की मतदाता सूची में दर्ज है, जिसके आधार पर उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में धांधली का आरोप लगाया। आज तक की पड़ताल में यह दावा गलत पाया गया।
आज तक की टीम ने आदित्य श्रीवास्तव के लखनऊ वाले पते पर जाकर जांच की। इंडिया टीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार, आदित्य ने बताया कि वह मूल रूप से लखनऊ के रहने वाले हैं। 2016 में वह मुंबई में रहते थे, जहां उन्होंने अपना वोटर आईडी कार्ड ट्रांसफर कराया था। बाद में वह बेंगलुरु शिफ्ट हो गए और वहां उनका वोटर आईडी ट्रांसफर हुआ। आदित्य ने कहा कि उनका वोटर आईडी नंबर वही रहा, और उन्होंने हमेशा एक समय में केवल एक ही जगह वोट दिया। उन्हें लगता था कि पुराने रिकॉर्ड अपने आप हट जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
चुनाव आयोग की वेबसाइट पर सत्यापन करने पर पता चला कि आदित्य श्रीवास्तव का नाम केवल कर्नाटक की मतदाता सूची में दर्ज है, जबकि लखनऊ और महाराष्ट्र में उनके नाम से कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने भी राहुल गांधी के दावों को “तथ्यात्मक रूप से गलत” बताकर खारिज किया।
इस प्रकार, आज तक और अन्य स्रोतों की जांच से यह स्पष्ट हुआ कि राहुल गांधी का दावा गलत था, और आदित्य श्रीवास्तव का नाम केवल कर्नाटक में ही मतदाता के रूप में दर्ज है।






