उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले (सल्ट/भिकियासैंण क्षेत्र) की दो सगी बहनों कुसुम बौड़ाई और उनकी छोटी बहन संजना बौड़ाई (10वीं क्लास की छात्रा) ने जनवरी 2026 की शुरुआत में अपने खून से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखा।
पत्र में उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की गुहार लगाई और लिखा कि यह सिर्फ अंकिता की हत्या नहीं, बल्कि पूरे समाज की अंतरात्मा की हत्या है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब एक बेटी को न्याय नहीं मिलता, तो बाकी बेटियां कैसे सुरक्षित महसूस करेंगी? साथ ही, प्रभावशाली लोगों को बचाने और सबूत नष्ट करने के आरोप लगाते हुए मामले में हस्तक्षेप की मांग की।
यह पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और उत्तराखंड में चल रहे प्रदर्शनों का हिस्सा बन गया।
अंकिता भंडारी मामले का संक्षिप्त बैकग्राउंड और लेटेस्ट अपडेट:
अंकिता भंडारी (19 साल) रिसॉर्ट रिसेप्शनिस्ट थीं, जिनकी सितंबर 2022 में हत्या कर शव नहर में फेंक दिया गया था।
मुख्य आरोपी रिसॉर्ट मालिक पुलकित आर्य (पूर्व बीजेपी नेता के बेटे) और दो कर्मचारियों को मई 2025 में उम्रकैद की सजा मिली।
दिसंबर 2025-जनवरी 2026 में अभिनेत्री उर्मिला सनावर के वायरल ऑडियो-वीडियो से “वीआईपी” एंगल फिर सुर्खियों में आया, जिससे सीबीआई जांच की मांग तेज हुई।
राज्य में बड़े प्रदर्शन हो रहे हैं, अंकिता के माता-पिता ने भी सीबीआई जांच मांगी।
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने आगे की जांच (संभवतः सीबीआई) के लिए सहमति जताई है, लेकिन पुलिस का कहना है कि जांच में कोई वीआईपी शामिल नहीं पाया गया।








