सितंबर 2025 को तमिलनाडु के करूर जिले में TVK की एक राजनीतिक रैली
(Velusamypuram में) के दौरान भगदड़ मच गई थी। इसमें 41 लोगों की मौत हो गई और 60 से ज्यादा घायल हुए। भीड़ इतनी
ज्यादा थी कि जगह की क्षमता से कई गुना ज्यादा लोग जमा हो गए थे। विजय को दोपहर 12 बजे पहुंचना था, लेकिन वे काफी देर (करीब 7 घंटे) से लेट पहुंचे, जिससे भीड़ में बेचैनी और अफरा-तफरी बढ़ गई।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मामला SIT से CBI को ट्रांसफर कर दिया गया था (अक्टूबर 2025 में), ताकि निष्पक्ष जांच हो सके। CBI ने पहले TVK के कई वरिष्ठ नेताओं से पूछताछ की, विजय के कैंपेन वाहन को जब्त किया, और ड्राइवर से भी पूछताछ की।
आज क्या हो रहा है?
CBI ने 6 जनवरी को विजय को समन जारी किया था, जिसमें उन्हें 12 जनवरी को दिल्ली के CBI मुख्यालय में पेश होने को कहा गया। विजय सुबह चार्टर्ड फ्लाइट से चेन्नई से दिल्ली पहुंचे। वे सुबह करीब 11 बजे CBI ऑफिस पहुंचे।
पूछताछ सुबह शुरू हुई और शाम 7 बजे तक चलने की संभावना है। इसमें ब्रेक भी लिया गया (जैसे 10 मिनट का लंच ब्रेक)।
जांच का फोकस: रैली की प्लानिंग, पुलिस से समझौते, भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा इंतजाम, विजय की देरी, और क्या ये सब मौतों का कारण बने।
पूछताछ सुबह शुरू हुई और शाम 7 बजे तक चलने की संभावना है। इसमें ब्रेक भी लिया गया (जैसे 10 मिनट का लंच ब्रेक)।
जांच का फोकस: रैली की प्लानिंग, पुलिस से समझौते, भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा इंतजाम, विजय की देरी, और क्या ये सब मौतों का कारण बने।
TVK ने पहले ही कहा है कि वे पूरी तरह CBI के साथ सहयोग करेंगे। पार्टी का दावा है कि ये एक “दुर्भाग्यपूर्ण हादसा” था और राज्य सरकार (DMK) व पुलिस की लापरवाही जिम्मेदार है — जैसे छोटा मैदान दिया जाना, पानी/बिस्किट न उपलब्ध होना आदि। विजय ने पीड़ित परिवारों को 20 लाख रुपये प्रति परिवार की मदद दी है।
राजनीतिक असर
यह पूछताछ विजय की नई पार्टी TVK के लिए बड़ा टेस्ट है, खासकर क्योंकि 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में TVK पहली बार उतरेगी। अगर CBI TVK को जिम्मेदार ठहराती है, तो इसका बड़ा राजनीतिक नुकसान हो सकता है। विजय के फैंस और पार्टी इसे राजनीतिक साजिश बताते हैं, जबकि जांच जारी है। अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है — ये पूछताछ गवाह के तौर पर है।

