लोक समाज पार्टी का चौथा राष्ट्रीय अधिवेशन उर्दू लाइब्रेरी मीना बाजार मोतिहारी पूर्वी चंपारण में संपन्न हुआ जिसकी अध्यक्षता लोक समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरीशंकर शर्मा (एडवोकेट) ने किया। इस मौके पर लोक समाज पार्टी के तरफ से कई प्रस्ताव पेश किए गए जिसमें जिसमें बिहार प्रदेश के अध्यक्ष श्री हजारी प्रसाद शर्मा तथा नीरज बिजली कुमार नीरज ने भूमिहीन किसानों को जमीन सरकारी अभिलेख के आधार पर पर्चा धारकों को कब्जा देने के संदर्भ में प्रस्ताव पेश किया गया दूसरा प्रस्ताव लेबर कोड 2020 के खिलाफ श्री नरेश कुमार सिंह लोक समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मजदूर सभा डॉक्टर उमेश शर्मा ने पेश किया वहीं नई शिक्षा नीति 2020 के खिलाफ लोक समाज पार्टी के महासचिव श्याम बदन विश्वकर्मा (एडवोकेट) हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष श्री लालचंद डिगलिया , हाई कोर्ट के जजों की नियुक्ति में लिखित परीक्षा की मांग को लेकर के इस प्रस्तावभी श्री श्याम बदन विश्वकर्मा राष्ट्रीय महासचिव तथा श्री वी के शर्मा (एडवोकेट) राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने पेश किया।
उसके बाद महिला आरक्षण विधेयक में दलित ओबीसी आदिवासी महिलाओं को उनके आबादी के हिसाब से आरक्षण देने के संदर्भ में भी प्रस्ताव सुखिया देवी, कृष्णा देवी और सीता देवी ने पेश किया गया,फिर गंभीर अपराध के आरोपियों को किसी भी चुनाव में शामिल होने से रोकने तथा विधानसभा और लोकसभा का चुनाव सरकारी फंड से करने के संदर्भ में भी प्रस्ताव दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष श्री सतवीर सिंह करोटिया श्री शेखर शेखर भूषण शर्मा,डॉक्टर उमेश शर्मा उमेश चंद शर्मा के द्वारा पेश किया गया और विधानसभाओं तथा लोकसभा का चुनाव वैलेट पेपर से कराने के संदर्भ में भी प्रस्ताव श्री नरेश कुमार सेन राष्ट्रीय अध्यक्ष मजदूर सभा और सुंदर राम समस्तीपुर मंडल के अध्यक्ष के द्वारा पेश किया गया।
इन सभी प्रस्ताव को अधिवेशन में उपस्थित सभी लोगों ने सर्व सम्मत से पास किया। इस इसके बाद लोकसभा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री गौरी शंकर शर्मा ने कहा आज स्वतंत्रता संग्राम के पहले सत्याग्रह आंदोलन महात्मा कम महात्मा गांधी के कर्मभूमि पूर्वी चंपारण मोतिहारी की धरती पर लोक समाज पार्टी का अधिवेशन होना यह आने वाले समय में दूरगामी प्रणाम होगा। इन प्रस्ताव को लेकर भारत सरकार के प्रधानमंत्री कानून मंत्री श्रम मंत्री मानव संसाधन मंत्री वित्त मंत्री सभी को ज्ञापन भेजा जाएगा और यह अनुरोध किया जाएगा कि इन प्रस्ताव के हिसाब से आने वाले समय में देश की रिग रूपरेखा तय करें जिससे बेरोजगारी महंगाई की समस्या से निधन मिल सके और लोकतंत्र भविष्य में जिंदा रह सके।

