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भिवंडी में हो गया खेला! कांग्रेस की मदद से मेयर बने बीजेपी के बागी नारायण चौधरी

भिवंडी में सच में बड़ा खेला हो गया है! महाराष्ट्र के भिवंडी-निजामपुर महानगरपालिका (BNMC) के मेयर चुनाव में 20 फरवरी 2026 को एक नाटकीय उलटफेर हुआ। बीजेपी के पूर्व उम्मीदवार और अब बागी नेता नारायण चौधरी (Narayan Chaudhary) कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट – NCP-SP), और अन्य सेकुलर फ्रंट के समर्थन से मेयर चुने गए। उन्हें कुल 48 वोट मिले (90 सदस्यीय सदन में बहुमत के लिए 46 चाहिए थे)।

बीजेपी की आधिकारिक उम्मीदवार स्नेहा पाटिल (Sneha Patil) को सिर्फ 16 वोट मिले।
एक अन्य उम्मीदवार विलास पाटिल को 25 वोट मिले।

 

क्या हुआ था?

 

नगर निगम चुनाव में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनी (लगभग 30 सीटें), बीजेपी को 22, शिवसेना को 12 आदि मिलीं।
बीजेपी ने पहले नारायण चौधरी को अपना मेयर कैंडिडेट घोषित किया था, लेकिन बाद में पार्टी ने स्नेहा पाटिल को चुन लिया।
इससे नाराराज होकर चौधरी ने बगावत की। उनके साथ 6-9 बीजेपी पार्षद (कुछ रिपोर्ट्स में 9) अलग हो गए और कांग्रेस-एनसीपी के ‘भिवंडी सेकुलर फ्रंट’ का समर्थन कर दिया।
उपमेयर पद पर कांग्रेस के तारिक मोमिन (Tariq Momin) चुने गए।

 

नारायण चौधरी कौन हैं?

 

वे पहले दूध बेचने का काम करते थे और लोकल स्तर पर सक्रिय रहे। उनकी तुलना महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से भी की जा रही है, क्योंकि दोनों ने पार्टी से बगावत कर नई राह पकड़ी। चौधरी को अब ‘लोकल एकनाथ शिंदे’ कहा जा रहा है।
बीजेपी को यह बड़ा झटका लगा है, और पार्टी ने बागियों पर कार्रवाई की बात कही है। यह महाराष्ट्र की स्थानीय राजनीति में एक बड़ा ट्विस्ट है, जहां पार्टी लाइनें टूटकर गठबंधन बन रहे हैं।

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