समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का आधिकारिक फेसबुक पेज 10 अक्टूबर की शाम करीब 6 बजे अचानक सस्पेंड हो गया था, जिस पर लगभग 80-85 लाख फॉलोअर्स थे। यह पेज रात भर गायब रहा, जिससे सपा कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी फैल गई। सुबह होते ही मेटा ने इसे फिर से एक्टिवेट कर दिया, और सभी फॉलोअर्स वापस आ गए।
क्या हुआ था?
सस्पेंड का समय: शुक्रवार शाम से शनिवार सुबह तक (करीब 12-16 घंटे) पेज एक्सेसिबल नहीं रहा।
सपा का आरोप: पार्टी ने इसे भाजपा सरकार की “साजिश” और “अघोषित इमरजेंसी” बताया, कहा कि यह विपक्षी नेताओं को दबाने की कोशिश है।
सरकार का पक्ष: सरकारी सूत्रों ने साफ किया कि यह फेसबुक की आंतरिक नीति के तहत कार्रवाई थी, न कि किसी सरकारी दबाव की। अभी तक मेटा ने कोई स्पष्ट वजह नहीं बताई, लेकिन कुछ रिपोर्ट्स में प्लेटफॉर्म पॉलिसी वायलेशन का जिक्र है।
बहाली के बाद क्या?
पेज रिस्टोर होते ही अखिलेश यादव ने पहली पोस्ट में जयप्रकाश नारायण (जेपी) को याद किया, क्योंकि आज उनकी जन्म जयंती है। सपा आज जेपी की जयंती मना रही है।
सोशल मीडिया पर रिएक्शन
एक्स (पूर्व ट्विटर) पर भी यह टॉपिक ट्रेंड कर रहा है। सपा समर्थक इसे “डिजिटल दमन” बता रहे हैं, जबकि कुछ यूजर्स मजाक उड़ा रहे हैं। न्यूज हैंडल्स ने इसे कवर किया है।

