इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अमेरिका से लौटने के बाद चार सहयोगी देशों—यूके (ब्रिटेन), कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और फ्रांस—पर बेहद नाराज हो गए। इन देशों ने फिलिस्तीन को एक स्वतंत्र राज्य के रूप में मान्यता दी, जो नेतन्याहू के लिए गहरी कूटनीतिक चोट है। यह कदम गाजा युद्ध के बीच आया, जहां इजरायल पर पहले से ही अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ रहा है। नेतन्याहू ने इसे “आतंकवाद को इनाम” बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया की चेतावनी दी, और अमेरिकी समर्थन के साथ संभावित वेस्ट बैंक पर कब्जे की चर्चा तेज हो गई।
पृष्ठभूमि
अमेरिका यात्रा: नेतन्याहू हाल ही में अमेरिका गए थे, जहां उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मुलाकात की। ट्रंप प्रशासन ने इजरायल का खुला समर्थन किया, लेकिन यूएन जनरल असेंबली सत्र से ठीक पहले ये चार देश फिलिस्तीन को मान्यता देने वाले बयान जारी कर बैठे।
तारीख: 21 सितंबर 2025 को इजरायल कैबिनेट बैठक में नेतन्याहू ने इसकी आलोचना की। विपक्षी नेता यायर लापिड ने इसे नेतन्याहू सरकार की नाकामी बताया।
चार देशों ने क्या किया?
ये चार पश्चिमी सहयोगी देश (इजरायल के करीबी माने जाते हैं) ने यूएन सत्र में फिलिस्तीन को राज्य मान्यता देने की घोषणा की। यह इजरायल की नीतियों—खासकर गाजा में सैन्य कार्रवाई और वेस्ट बैंक में बस्तियों—के खिलाफ एक संयुक्त कदम था।
देश कदम का विवरण यूके (ब्रिटेन) फिलिस्तीन को मान्यता दी, इजरायल से वेस्ट बैंक छोड़ने की मांग की।कनाडागाजा युद्ध पर इजरायल की आलोचना करते हुए फिलिस्तीनी राज्य की समर्थन घोषित।ऑस्ट्रेलियायूएन प्रस्ताव का समर्थन, इजरायल से कब्जे वाले क्षेत्रों से पीछे हटने की अपील।फ्रांसयूरोपीय संघ के साथ मिलकर फिलिस्तीन को राज्य मान्यता का वादा किया।
नेतन्याहू की प्रतिक्रिया: क्यों इतना गुस्सा?
‘मुझे बस अमेरिका से लौटने दो…’: यह वाक्यांश नेतन्याहू के एक वीडियो बयान से प्रेरित लगता है, जहां उन्होंने कहा कि अमेरिकी समर्थन के बाद वे इन देशों को “सुना” देंगे। उन्होंने इसे “हमारे अस्तित्व के लिए खतरा” बताया और यूएन में “झूठी प्रचार” के खिलाफ लड़ने का वादा किया।
संभावित कदम: नेतन्याहू ने वेस्ट बैंक के हिस्सों पर कब्जे की आंतरिक चर्चा का संकेत दिया। सऊदी अरब ने चेतावनी दी कि इससे “गंभीर परिणाम” होंगे। व्यापक संदर्भ: गाजा युद्ध (जो 2023 से चल रहा है) में 55,000 से अधिक फिलिस्तीनी मौतें हो चुकी हैं। इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट ने नेतन्याहू पर गिरफ्तारी वारंट जारी किया है, जो उन्हें और अलग-थलग कर रहा है।
प्रभाव
इजरायल पर: नेतन्याहू ने अर्थव्यवस्था को “आत्मनिर्भर” बनाने की बात कही, क्योंकि वैश्विक अलगाव बढ़ रहा है। वैश्विक: यह कदम दो-राष्ट्र समाधान को बढ़ावा देता है, लेकिन इजरायल-अमेरिका गठबंधन मजबूत हो रहा है। यूएन में तनाव चरम पर है।

