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विश्व की पहली Nasal Vaccine : भारत में iNCOVACC के उपयोग को मिली मंज़ूरी, जाने क्या है Bharat Biotech की iNCOVACC नेज़ल वैक्सीन और कैसे काम करेगी ये वैक्सीन

nasal vaccine covid

हाल ही में चीन में बढ़ते कोरोना के मामले, दुनिया भर के लिए एक चिंता का विषय बन गए हैं। लेकिन राहत की बात ये है कि कोरोना से जंग में भारत को एक और हथियार मिल गया है, दुनिया की पहली नेजल वैक्सीन यानी नाक से दी जाने वाली वैक्सीन को केंद्र सरकार उपयोग के लिए मंज़ूरी मिल गई है। भारत बायोटेक की नेजल वैक्सीन iNCOVACC को 23 दिसंबर, शुक्रवार से टीकाकरण अभियान में शामिल किया गया है।

भारत बायोटेक ने, 6 सितम्बर को ये घोषणा की थी कि iNCOVACC (BBV 154) को आपात स्यिति में सीमित इस्तेमाल के लिए भारत के औषधि महानयंत्रक(Drugs Controller General of India) की मंजूरी मिल गई है।

दुनिया की पहली नेजल वैक्सीन iNCOVACC

दुनिया के विकसित देश जब महामरी से झूझ रहे थे, तब भारत ने एक नहीं बल्की 2-2 वैक्सीन बना कर दुनिया को चौक दिया था, इसके बाद भारत ने न केवल भारत वासियों को बल्की, विदेश में भी वैक्सीन एक्सपोर्ट कर लाखो जाने बचाइ। ऐसे में एक बार फिर भारत ने विश्वगुरु बनने की राह में एक और कदम उठाया है और दुनिया में पहली nasal vaccine iNCOVACC लाकर। भारत बायोटेक की iNCOVACC वैक्सीन अपने आप में ही एक पहली ऐसी वैक्सीन है जो नाक में दी जाने वाली वैक्सीन होगी। is Vaccine की दो बूंद डलवाने से ही कोरोना बेअसर हो सकता है।

अभी ये वैक्सीन केवल निजी अस्पातलों में ही उपलब्ध होगी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार जल्दी ही इसे सरकारी अस्पतालों से लेकर मार्केट में भी मुहैया कर सकती है। इस वैक्सीन को मंज़ूरी मिलने से अब लोग इंजेक्शन से बचेंगे, क्यूंकी ये वैक्सीन नाक में केवल दो बूंद डलवाने से ही कारगार साबित होगी।

iNCOVACC अब कोविन ऐप पर शामिल

हालांकी भारत बायोटेक ने iNCOVACC की आपत स्थिति में इस्तेमाल के लिए भारत के औषधि महानयंत्रक (Drugs Controller General of India) से मंजुरी मिलने की सूचना सितंबर महीने में दी थी। लेकिन भारत बायोटेक ने नवंबर में अपनी nasal vaccine को लेकर केंद्र सरकार से संपर्क किया था। अन्होंने iNCOVACC को कोविन पोर्टल में शामिल करने का अनुरोध किया था, ताकि इसे लेने वाले लोगो को टीकाकरण का प्रमाण पत्र मिल सके।

और अब जब मंज़ूरी मिल चुकी है, तो iNCOVACC को भी बाकी मान्यता दी गई वैक्सीन, कोवैक्सिन, सीरम इंस्टीट्यूट की कोविशील्ड या कोवोवैक्स, रूस की स्पुतनिक वी और बायोलॉजिकल ई लिमिटेड की कॉर्बवैक्स के साथ कोविन पोर्टल पर सूचीबद्द की गई है।

नेजल वैक्सीन iNCOVACC होगा ज्यादा असरदार

iNCOVACC एक इंट्रामस्कुलर वैक्सीन की जगह नेसल वैक्सीन है। ये वैक्सीन नाक में दो बूंद डाल कर दिया जाएगा। ये इंजेक्शन के जराया बन में नहीं लगेगा। नेसल वैक्सीन को मस्कुलर वैक्सीन के मुताबिक ज्यादा असर माना जाता है।

मनसुख मांडविया ने नाक के टीके के लिए क्या कहा

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने 22 दिसंबर को राज्यसभा में बताया की विशेषज्ञ समिति ने नेसल वैक्सीन को मंज़ूरी दे दी है

दुनिया में कोरोना का प्रकोप

दुनिया से कोरोना जाने का नाम नहीं ले रहा, नए वेरिएंट के साथ, चीन में कोरोना के मामले लगतार बढ़ते जा रहे हैं। चीन में केस बढ़ाना दुनिया के लिए एक चिंता का विषय है, न केवल चीन बाल्की अमेरिका, फ्रांस, जापान में भी केस बढ़ रहे हैं। आज कोरोना के एक्वीट मामलों की संख्या अमेरिका में 19 लाख 50 हजार से ज्यादा, फ्रांस में 11 लाख से ज्यादा, ब्राजील में 6 लाख 75 हजार से ज्यादा, ऑस्ट्रेलिया में 1 लाख 24 हजार से ज्यादा, चीन में 39 हजार और 400 से ज्यादा है। और भारत 3 हजार 380 हैं।

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