चरण सिंह
प्रतिपक्ष नेता राहुल गांधी कह रहे हैं कि मोदी सरकार एक साल में गिर जाएगी। अखिलेश यादव कह रहे हैं कि यूपी में समाजवादी पार्टी की सरकार बनते ही केंद्र की सरकार गिर जाएगी। ये दोनों नेता यह तो बताएं कि आप लोगों ने ऐसा क्या किया कि यूपी में समाजवादी पार्टी की सरकार बन जाएगी और केंद्र में मोदी की सरकार गिर जाएगी ? क्या चुनाव आयुक्त बदल गए हैं ? क्या सीबीआई, ईडी, इनकम टैक्स विभाग ने जनहित में काम करना शुरू कर दिया है ? क्या गोदी मीडिया ने बीजेपी सरकारों की आलोचना शुरू कर दी है ?
क्या विपक्ष जनसमस्याओं को लेकर सड़कों पर उतर गया है ? क्या विपक्ष अपने गिले शिकवे भुलाकर देश और समाजहित हित में एक हो गया है ? क्या यूपी में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस एक हैं ? क्या मात्र बयानबाजी से बीजेपी को हराया जा सकता है ? जहां तक केंद्र सरकार गिरने की बात है तो बीजेपी जिस पार्टी के सांसद तोड़ना चाहे तोड़ देगी। टीएमसी के 19 सांसदों के तो जल्द ही टूटने की ख़बरें मार्किट में गई हैं। विपक्ष यह भी बता दे कि कांग्रेस को छोड़ दें तो कौन सी पार्टी खुलकर बीजेपी का विरोध कर पा रही है ?
विपक्षी क्षेत्रीय दलों बीजेपी की कमी बस विधानसभा चुनाव में ही दिखाई देती है। नहीं तो ये दल बीजेपी पर कम और कांग्रेस पर ज्यादा आक्रामक रहते हैं। ममता बनर्जी को अब समझ में आया कि बीजेपी क्या चीज है ? नहीं तो उन्हें तो बीजेपी से ज्यादा कमी कांग्रेस में ज्यादा नजर आती रही है। नीतीश कुमार की विपक्षी एकता की मुहिम किसने कमजोर किया था ? जमीनी हकीकत तो यह है कि मोदी सरकार का तीसरा कार्यकाल चल रहा है और योगी आदित्यनाथ का दूसरा कार्यकाल समाप्त होने वाला है।
जन समस्याओं के लिए कितने आंदोलन विपक्ष ने केंद्र सरकार के खिलाफ किये ? कितने आंदोलन सपा ने योगी सरकार के खिलाफ किये ? सपा तो अपना संगठन ही दुरुस्त नहीं कर पा रही है। जनता तो छोड़िए खुद के पुराने नेता घर बैठे हैं। लोकसभा चुनाव वाला माहौल विधानसभा में नहीं बनने वाला है। वह माहौल संविधान और आरक्षण को लेकर प्रतिपक्ष नेता राहुल गांधी ने बनाया था। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और गृह मंत्री का विवाद भी बड़ा कारण बना था। विधानसभा चुनाव में योगी आदित्यनाथ के निर्णयों में किसी का का कोई हस्तक्षेप नहीं होने वाला है।
हां यह बात जरूर है कि विभिन्न मुद्दों कोई लेकर बीजेपी के प्रति लोगों के मन में बहुत गुस्सा है। पर यह भी तो जमीनी हकीकत है कि विपक्ष बीजेपी के प्रति युवाओं में व्याप्त गुस्से को भी नहीं भुना पा रहा है। अखिलेश यादव बताएं कि नोएडा में जो श्रमिकों का आंदोलन हुआ उसे कितना भुनाया ? कितनी श्रमिकों की मदद की। श्रमिकों के हक़ के लिए कितना संघर्ष सपा ने किया ? आज भी कितने श्रमिक जेल में हैं। सपा उनके लिए क्या कर रही है ? नोएडा के सपा कार्यकर्ताओं ने इन श्रमिकों के पक्ष में क्या किया ? बस एक प्रतिनिधि मंडल भेजकर औपचारिकता पूरी कर ली गई।
कोकरोच जनता पार्टी के माध्यम से देशभर के युवाओं का गुस्सा बीजेपी के प्रति सोशल मीडिया में देखा जा रहा है। विपक्ष इस गुस्से को कितना भुना रहा है ? इन आक्रोशित युवाओं के लिए क्या कर रहा है। शिक्षा, चिकित्सा में व्याप्त भ्रष्टाचार के मुद्दे पर क्या कर रहा है ? अभी हाल में नीट परीक्षा के पेपर लीक हुए। विपक्ष की कौन सी पार्टी सड़कों पर उतरी ? कॉकरोच जनता पार्टी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांग अभियान चला रही है। कौन सी विपक्षी पार्टी इस अभियान में शामिल है ?
एक्स हैंडल पर पोस्ट करने के अलावा करना कुछ नहीं है सरकार बन जाएगी। सरकार गिर जाएगी। यदि सरकार बनानी है या गिरानी है तो जेपी आंदोलन की तर्ज पर आंदोलन करना होगा। लाठी डंडे खाने के लिए तैयार होना होगा। जेल भरो अभियान छेड़ना होगा। नहीं तो देखते रहिये, मुंगेरी लाल के हसीन सपने। किसे नहीं पता कि बीजेपी ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए बनाए गए सभी तंत्रों को कब्ज़ा लिया है। मीडिया तो छोड़ ही दीजिये। न्यायपालिका भी काफी हद तक प्रभावित की जा रही है। ऐसे में आप बिना संघर्ष के सरकार बनाने और गिराने की सोच भी नहीं सकते।

