ग्रेटर नोएडा। अखलाक हत्याकांड के आरोपी अभी छूटने वाले नहीं हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने 10 साल पुराने इस मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ मुकदमे वापस लेने की अर्जी दाखिल की है, लेकिन अंतिम फैसला अदालत का होगा। गौतमबुद्ध नगर जिला अदालत में यह अर्जी प्रस्तुत की गई है, और सुनवाई 12 दिसंबर को निर्धारित है। पीड़ित परिवार ने इसका विरोध किया है और कोर्ट से उम्मीद जता रहे हैं कि मुकदमे की वापसी की अनुमति न दी जाए।
सरकार के आवेदन में तर्क दिए गए हैं कि पीड़ित परिवार के बयान बदलते रहे, कोई पुरानी दुश्मनी नहीं थी, हथियारों का इस्तेमाल नहीं हुआ आदि। लेकिन दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 321 के तहत मुकदमा वापस लेने के लिए मजिस्ट्रेट को सार्वजनिक हित में संतुष्ट होना पड़ता है। अतीत में हत्या या सांप्रदायिक हिंसा जैसे मामलों में कोर्ट ने पीड़ित पक्ष के विरोध पर ऐसी वापसी की अनुमति देने से इनकार किया है। इसलिए, आरोपी बरी होने की बजाय ट्रायल प्रक्रिया पर निर्भर करेगा कि कोर्ट क्या फैसला लेता है। मामले में अभी 10 आरोपी हैं, जिनमें से कुछ जमानत पर हैं।






