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पाकिस्तान में बढ़ रही है ईरानी रियाल की मांग?

1. बहुत सस्ती मिल रही है करेंसी: ईरानी रियाल दुनिया की कमजोर करेंसी में गिनी जाती है। पाकिस्तान के स्थानीय बाजारों में यह बड़ी मात्रा में पहुंच रही है। खासकर कबाड़ जैसे सामान के साथ। इसी वजह से लोग बेहद कम कीमत में लाखों रियाल खरीद रहे हैं।
2. भविष्य में फायदा मिलने की उम्मीद: खरीदारों को लगता हैं कि अगर आगे चलकर ईरान की अर्थव्यवस्था में सुधार आता है या फिर ईरान पर लगाए गए अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध हटते हैं, तो मौजूदा करेंसी की वैल्यू बढ़ जाएगी। ऐसा होने से वे अच्छा-खासा मुनाफा कमा पाएंगे। इन दोनों वजहों से पाकिस्तान में रियाल की मांग बढ़ रही है।
3. रियाल से बनेंगे अमीर: अमीर बनने की चाहत की वजह से लोग ईरानी करेंसी को लॉटरी की टिकट समझ खरीद रहे हैं।

 

करेंसी का कबाड़ जैसा हाल

 

ईरानी रियाल की हालत ऐसी हो गई है कि कई जगह इसे लगभग रद्दी कागज की तरह देखा जा रहा हैं। इसकी बड़ी वजह वहां की तेज महंगाई है, जिसके कारण लोगों का अपनी ही करेंसी पर भरोसा कम हो गया है। हालात तो ऐसे हो गए है कि ईरान के लोग रियाल की जगह डॉलर या सोने को ज्यादा सुरक्षित मानते हैं और उसी पर भरोसा करते हैं।

 

इसमें छिपा है बड़ा जोखिम

 

1. विशेषज्ञों के मुताबिक, ईरानी रियाल में पैसा लगाना काफी जोखिम भरा हो सकता है। इसकी वजह यह है कि ईरान की अर्थव्यवस्था पहले से ही दबाव में है, जिससे की वजह से आगे की स्थित के बारे में कुछ पता नहीं है।

2. इसके अलावा पाकिस्तान में इस करेंसी के लिए कोई कानूनी एक्सचेंज मार्केट नहीं है। ऐसे में लोगों के साथ धोखाधड़ी होने या फिर पैसा पूरी तरह डूब जाने का खतरा भी हो सकता है।

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