नितिन नबीन (पूर्ण नाम: नितिन नबीन सिन्हा) बिहार की राजनीति में एक प्रमुख युवा चेहरा हैं, जिन्हें 14 दिसंबर 2025 को भारतीय जनता पार्टी (BJP) की संसदीय बोर्ड ने पार्टी का नया राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया। यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू है और JP नड्डा की जगह लेंगे। बिहार सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में सेवा दे रहे नितिन नबीन को उनकी संगठनात्मक क्षमता और जमीनी स्तर पर मजबूत पकड़ के लिए जाना जाता है।
प्रारंभिक जीवन और पारिवारिक पृष्ठभूमि
जन्म: 23 मई 1980 को पटना, बिहार में हुआ। वर्तमान आयु: 45 वर्ष।
परिवार: वे स्वर्गीय नबीन किशोर प्रसाद सिन्हा के पुत्र हैं, जो BJP के वरिष्ठ नेता और बैंकिपुर विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक थे। नितिन नबीन कायस्थ समुदाय से ताल्लुक रखते हैं और राजनीति में अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।
शिक्षा: 12वीं पास (बैंकिपुर, पटना से)।
राजनीतिक सफर
नितिन नबीन ने अपनी राजनीतिक यात्रा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से शुरू की, फिर BJP की युवा शाखा भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) में सक्रिय हुए। यहां उन्होंने राष्ट्रीय महासचिव और बिहार प्रदेश अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद संभाले।
विधायकी: वे 5 बार के विधायक हैं। पहली बार 2006 में पिता के निधन के बाद पटना वेस्ट से उपचुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे। उसके बाद 2010, 2015, 2020 और हाल ही में 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में बैंकिपुर (पटना) सीट से लगातार जीत हासिल की। 2025 चुनाव में उन्होंने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 51,000 से अधिक वोटों से हराया।
संगठनात्मक भूमिकाएं: बिहार BJP के महासचिव, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य, BJYM के राष्ट्रीय महासचिव रहे। वर्तमान में छत्तीसगढ़ प्रभारी हैं (2024 से)।
चुनावी रिकॉर्ड: बैंकिपुर BJP का मजबूत गढ़ है, जहां वे लगातार मजबूत जीत दर्ज करा रहे हैं। 2020 में उन्होंने करीब 84,000 वोटों से जीत हासिल की थी।
वर्तमान पद और उपलब्धियां
बिहार सरकार में मंत्री: वर्तमान नीतीश कुमार सरकार में सड़क निर्माण विभाग (रोड कंस्ट्रक्शन) और सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) के मंत्री हैं।
आर्थिक स्थिति (2025 चुनावी हलफनामे के अनुसार): संपत्ति ₹3.1 करोड़, देनदारियां ₹56.7 लाख, वार्षिक आय ₹4.8 लाख। 5 आपराधिक मामले लंबित हैं, लेकिन कोई गंभीर नहीं।
युवा नेता के रूप में: BJP में युवा चेहरा माने जाते हैं, जो बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से मजबूत जुड़ाव रखते हैं। उनकी नियुक्ति को पार्टी की आगामी रणनीति (जैसे 2026 चुनाव) के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

