यूजीसी नियमों में बदलाव करने वाला या फिर भ्रष्ट सिस्टम को बदलने के लिए आंदोलन करने वाला ?
अमेरिका के सामने झुकने वाला या फिर अमेरिका से ट्रेड डील का विरोध करने वाला
चरण सिंह
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बात तो बहुत अच्छी करते हैं। वह बात दूसरी है कि उस पर अमल कुछ नहीं करते। वह लोगों को नसीहत तो बहुत देते हैं पर वह काम वही करते हैं जिनको न करने की अपील वह जनता से करते हैं। विजय दशमी के दिन उन्होंने दिल्ली के एक कार्यक्रम में समाज को बांटने वाले लोगों को समाज का दुश्मन बताया है। बंटोगे तो कटोगे क्या समाज को जोड़ने वाला बयान है ? आखिर कौन लोग हैं जो समाज को बांटने का काम कर रहे हैं ? जो लोग हिन्दू-मुस्लिम कर सत्ता हथियाए हुए हैं या फिर वे लोग जो सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं ?
पीएम मोदी बताएं कि एक धर्म के नाम पर राष्ट्र निर्माण की बात करना क्या समाज को जोड़ने वाला है ? यूजीसी के नियमों में बदलाव क्या समाज को जोड़ने के लिए किया गया है ? सरकार की गलत नीतियों का विरोध करने वालों को आन्दोलन जीवी अर्बन नक्सली, दिमागी नक्सली, आतंकवादी कहना क्या समाज को जोड़ने वाला कृत्य है। आखिर कौन हैं वे लोग जो यह सब कर रहे हैं। समाज को यही लोग बांट रहे हैं। फिर हैं देश के दुश्मन कौन ?
पीएम मोदी ने भले ही आरएसएस के मुद्दों पर कुछ काम किया हो पर जनता से जो वादे किये हैं उन पर वह खरे नहीं उतरे। प्रधानमंत्री बनने से पहले उनके मुख्य वादे, हर साल दो करोड़ युवाओं को रोजगार देना, 2022 किसानों की आय दोगुनी कर देना, संसद को दागी मुक्त कर देना। विदेश से इतना काला धन ले आऊंगा कि प्रत्येक नागरिक के खाते में 15 लाख रुपए चले जायेंगे थे। इन वादों से में क्या एक भी वादा पूरा हुआ ? मोदी कहते रहे हैं कि वह न तो देश झुकने देंगे और न ही बिकने देंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड टी ट्रम्प के सामने कौन झुका ? मार्को रुबियो के सामने कौन झुक रहा है ? हवाई अड्डे, रेलवे, आईडीबीआई बैंक किसने बेचा ?
विपक्ष और आलोचकों का आरोप का तो आरोप है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने एयर इंडिया, रेलवे स्टेशनों, बीमा कंपनियों (जैसे एलआईसी की हिस्सेदारी), और सार्वजनिक क्षेत्र की कई कंपनियों (जैसे आईडीबीआई बैंक) का निजीकरण या विनिवेश किया है। हां सरकार इन्हें ‘देश बेचना’ नहीं बल्कि घाटे में चल रही सार्वजनिक संपत्तियों का बेहतर प्रबंधन और ‘एसेट मोनेटाइजेशन’ बताती है।
एयर इंडिया: वर्ष 2021 में सरकार ने घाटे में चल रही राष्ट्रीय विमानन कंपनी एयर इंडिया को टाटा समूह को बेच दिया था। आईडीबीआई बैंक (IDBI Bank): सरकार आईडीबीआई बैंक में अपनी 60.72% और 30% से अधिक हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया और रणनीतिक विनिवेश पर आगे बढ़ रही है। सरकारी कंपनियां और उपक्रम: पिछले वर्षों में सरकार ने बीपीसीएल (BPCL), शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, और कई अन्य सार्वजनिक उद्यमों में अपनी हिस्सेदारी कम या निजी हाथों में सौंपी है।
दरअसल पीएम मोदी एसआईआर के खिलाफ चल रहे विपक्ष और जेन जी के आंदोलन को लेकर इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं। जब सरकार न तो रोजगार के लिए कुछ कर रही है। न महंगाई और भ्रष्टाचार को कम करने के लिए कुछ कर रही है। एसआईआर के माध्यम से युवाओं को वोट के अधिकार से वंचित करने का काम और करने लगी। ऐसे में सरकार के खिलाफ आंदोलन न हो तो फिर क्या हो ?
दरअसल विजयदशमी के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के आईपी एक्सटेंशन में दशहरा समारोह में गए थे। उन्होंने वहां कहा कि हमारे विचार समान हों, हमारी समितियां अर्थात राष्ट्र की सभी संस्थाएं, सभी राजनीतिक दल राष्ट्रहित के लिए एक साथ खड़े हों। हमें इसी भावना पर चलना होगा, हमें देश के दुश्मनों के साथ मिलकर लडऩा होगा।
देश को चोट पहुंचाने वाली ताकतें, समाज को बांटने वाले लोग, हमारी संस्कृति से नफरत करने की मानसिकता, ये देश के दुश्मन हैं। उन्होंने कहा कि रामराज्य का मतलब सबके लिए न्याय का होता है और सत्ता का मतलब जनकल्याण होना चाहिए। समाज को बांटने वाले देश के दुश्मन हैं। इन्हें पहचानना होगा। हम सभी को देश के दुश्मनों से मिलकर लडऩा होगा। बुराइयों के खिलाफ सभी को साथ आना होगा। मोदी आखिर यह सब किसके लिए कह रहे हैं।