सिदरा अदीब खान (जिन्हें सिदरा आजम खान के नाम से भी जाना जाता है) समाजवादी पार्टी (सपा) नेता मोहम्मद आजम खान के बड़े बेटे अदीब खान की पत्नी हैं। वे रामपुर (उत्तर प्रदेश) की राजनीति में सक्रिय रही हैं, खासकर तब जब आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम जेल में थे। सिदरा ने मुश्किल दौर में परिवार की राजनीतिक विरासत को संभालने की कोशिश की, लेकिन वे कभी औपचारिक रूप से कोई चुनाव नहीं लड़ीं। वर्तमान में (सितंबर 2025 तक), वे रामपुर में सपा की स्थानीय गतिविधियों में शामिल रहती हैं, सोशल मीडिया के जरिए मुद्दों पर आवाज उठाती हैं और परिवार के समर्थन में काम करती हैं।
सिदरा की राजनीतिक भूमिका और योगदान
मुश्किल दौर में विरासत संभालना: 2020 से आजम खान परिवार पर कई कानूनी मामले चले, जिसमें फर्जी प्रमाण पत्र, भूमि अतिक्रमण और अन्य आरोप शामिल थे। इस दौरान सिदरा ने रामपुर सदर विधानसभा और लोकसभा क्षेत्रों में सपा के प्रचार का नेतृत्व किया। उन्होंने फेसबुक लाइव और सार्वजनिक सभाओं के माध्यम से आजम खान की रिहाई की मांग की, बीजेपी सरकार पर सियासी रंजिश का आरोप लगाया, और रामपुर के मुस्लिम वोट बैंक को एकजुट रखने की कोशिश की। उदाहरण के लिए, 2022 के रामपुर लोकसभा उपचुनाव में उनका नाम सपा प्रत्याशी के रूप में चर्चा में था, लेकिन अंततः असीम रजा को टिकट मिला।
चुनावी अटकलें: 2021-2022 में यूपी विधानसभा और लोकसभा उपचुनावों के लिए सिदरा का नाम बार-बार सामने आया। उन्होंने मीडिया को कहा कि “मैं रामपुर के लोगों की सेवा के लिए तैयार हूं” और अगर आजम खान कहें तो चुनाव लड़ने को तैयार हैं। हालांकि, वे सुार विधानसभा उपचुनाव (2023) या 2024 लोकसभा चुनाव में उतरीं नहीं। 2024 में रामपुर से सपा ने मौलाना मोहिबुल्लाह को टिकट दिया, जो आजम के आलोचक रहे।
सोशल मीडिया और स्थानीय सक्रियता: सिदरा सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय हैं। वे रामपुर के मुद्दों (जैसे बाढ़, विकास कार्य) पर पोस्ट करती रहती हैं और सपा नेताओं (जैसे अखिलेश यादव) की तारीफ करती हैं। एक्स (पूर्व ट्विटर) पर उनके समर्थक उन्हें रामपुर लोकसभा 2024 की भावी प्रत्याशी मानते रहे, लेकिन यह अटकलें ही साबित हुईं।
चुनावी अटकलें: 2021-2022 में यूपी विधानसभा और लोकसभा उपचुनावों के लिए सिदरा का नाम बार-बार सामने आया। उन्होंने मीडिया को कहा कि “मैं रामपुर के लोगों की सेवा के लिए तैयार हूं” और अगर आजम खान कहें तो चुनाव लड़ने को तैयार हैं। हालांकि, वे सुार विधानसभा उपचुनाव (2023) या 2024 लोकसभा चुनाव में उतरीं नहीं। 2024 में रामपुर से सपा ने मौलाना मोहिबुल्लाह को टिकट दिया, जो आजम के आलोचक रहे।
सोशल मीडिया और स्थानीय सक्रियता: सिदरा सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय हैं। वे रामपुर के मुद्दों (जैसे बाढ़, विकास कार्य) पर पोस्ट करती रहती हैं और सपा नेताओं (जैसे अखिलेश यादव) की तारीफ करती हैं। एक्स (पूर्व ट्विटर) पर उनके समर्थक उन्हें रामपुर लोकसभा 2024 की भावी प्रत्याशी मानते रहे, लेकिन यह अटकलें ही साबित हुईं।
आजम खान की 23 सितंबर को सीतापुर जेल से रिहाई के बाद परिवार की राजनीतिक स्थिति में कुछ बदलाव आया है। सिदरा अभी भी रामपुर में सपा की महिला विंग और स्थानीय कार्यक्रमों में सक्रिय हैं, लेकिन कोई बड़ा पद या चुनावी भूमिका नहीं निभा रही। परिवार पर 80 से ज्यादा मामले चल रहे हैं, जिससे उनकी गतिविधियां सीमित हैं। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि आजम परिवार अब चंद्रशेखर आजाद (आजाद समाज पार्टी) या ओवैसी (AIMIM) के संपर्क में है, लेकिन सिदरा पर कोई पुष्टि नहीं।
वे मुख्य रूप से परिवार और सामाजिक कार्यों पर फोकस कर रही हैं, जैसे रामपुर में मुस्लिम समुदाय की मदद।
वे मुख्य रूप से परिवार और सामाजिक कार्यों पर फोकस कर रही हैं, जैसे रामपुर में मुस्लिम समुदाय की मदद।








