पीड़िता का बैकग्राउंड:
किरण देवी (उम्र लगभग 30 वर्ष) महोबा जिले के थाना कबरई की रहने वाली थीं। वह CRPF के जवान विनोद सिंह की पत्नी थीं। दंपति के बीच लगातार झगड़े होते थे, जिसके कारण किरण ने पति के खिलाफ दहेज उत्पीड़न और घरेलू हिंसा का मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले की जांच कबरई थाने के स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) अंकित यादव को सौंपी गई थी।
प्रेम संबंध कैसे बने:
जांच के दौरान अंकित यादव और किरण के बीच नजदीकियां बढ़ीं। दोनों के बीच प्रेम संबंध विकसित हो गए और शारीरिक रिश्ते भी बन गए। किरण अक्सर अंकित को ‘बाबू’ कहकर बुलाती थीं और घूमने-फिरने का बहाना बनाती रहीं।
हत्या की घटना:
12 नवंबर 2025 को अंकित ने किरण को घुमाने के बहाने एक कार में बिठाया और हमीरपुर के मौदहा थाना क्षेत्र ले गए। वहां किसी बात पर दोनों में झगड़ा हो गया। गुस्से में अंकित ने लोहे की रॉड से किरण पर हमला कर उनकी हत्या कर दी। फिर शव को नग्न अवस्था में सड़क किनारे एक खेत में फेंक दिया और फरार हो गया। 13 नवंबर को रमना गांव के पास ग्रामीणों को खेत में किरण का शव मिला। शव की हालत ऐसी थी कि देखने वाले सबने आंखें मूंद लीं।
आरोप और पुलिस कार्रवाई:
किरण के भाई राजेश कुमार ने पति विनोद सिंह और दरोगा अंकित यादव पर हत्या का आरोप लगाया। पुलिस ने अंकित को महोबा से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पति विनोद की भी पूछताछ की जा रही है। हमीरपुर की एसपी दीक्षा शर्मा ने मामले की पुष्टि की है और जांच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि हुई है, लेकिन सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं।

